लखनऊ। खाकी वर्दी पहनने का सपना संजोने वाले युवा IPS अधिकारी बनने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं। ऐसे ही कठिन परिश्रम से गुजरकर आइपीएस अधिकारी बनीं अलंकृता सिंह ने यह नौकरी छोड़ दी है। 2008 बैच की आइपीएस अधिकारी अलंकृता सिंह बिना अनुमति के लगभग चार वर्ष पूर्व लंदन गईं थीं और फिर ड्यूटी पर नहीं लौटीं।

हालांक‍ि शासन की ओर से उन्हें अप्रैल, 2022 में निलंबित कर दिया था। बीते दिनों उन्होंने अपना त्यागपत्र भेजा था, जिसे राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया है। अब उनकी पत्रावली गृह मंत्रालय भेजी जाएगी। माना जा रहा है कि उनके त्यागपत्र पर जल्द राष्ट्रपति की मुहर लग सकती है।

प्राइवेट सेक्‍टर में बनाना चाहती थीं बेहतर भविष्य

एक अधिकारी के अनुसार, निजी क्षेत्र में बेहतर भविष्य के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है। अलंकृता सिंह अपने पति के साथ लंदन में ही रह रही हैं। दोनों एक विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं। जमशेदपुर निवासी अलंकृता सिंह एसपी सुलतापुर समेत अन्य महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहीं थीं।

ब‍िना विभागीय अनुमति के चली गईं थीं विदेश

उनकी अंतिम तैनाती एसपी महिला व बाल सुरक्षा संगठन (1090) के पद पर थी। उसी दौरान वह वर्ष 2021 में बिना विभागीय अनुमति के विदेश चली गईं थीं। उन्होंने 19 अक्टूबर, 2021 की रात एडीजी, महिला व बाल सुरक्षा संगठन को वाट्सएप कॉल कर बताया था कि वह लंदन में हैं। इसके बाद से वह लगातार अनुपस्थित रहीं।

2022 में कर दी गईं थीं न‍िलंब‍ित

बिना किसी प्रकार का अवकाश स्वीकृत हुए कार्यस्थल से अनुपस्थित रहने और बिना शासकीय अनुमति के विदेश यात्रा पर जाने के मामले में उन्हें निलंबित कर दिया गया था। एक अधिकारी के अनुसार, सुलतानपुर एसपी के पद पर तैनात रहने के दौरान अलंकृता सिंह ने फोन पर महिलाओं को तंग करने वालों के विरुद्ध अभियान के तहत कार्रवाई की थी, जिसकी खूब सराहना हुई थी। बाद में उसकी तर्ज पर ही 1090 की शुरुआत की गई थी।

यूपी कैडर की आईपीएस अधिकारी थीं अलंकृता स‍िंह

आपकाे बता दें कि अलंकृता सिंह यूपी कैडर की आईपीएस अधिकारी थीं। 2017 में वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चली गईं थीं। उन्हें 16 मार्च 2017 को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन में उप निदेशक के पद पर तैनात किया गया। 25 अप्रैल 2021 तक वे इस पद पर कार्यरत रहीं। वहां से हटने के बाद उन्हें मूल कैडर में वापस कर दिया गया।

मां की एक नसीहत से बनीं थीं आईपीएस

अप्रैल में जब वे अपने मूल कैडर में उत्तर प्रदेश लौटीं तो डेढ़ माह की छुट्‌टी लेकर चली गईं। लौटने के बाद 10 जून 2021 को उनकी तैनाती महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन में एसपी के पद पर की गई थी। मां की नसीहत का पालन कर आईपीएस बनीं अलंकृता की कहानी को लोगों ने खासा पसंद किया था।

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