मधुबन (मऊ)। खैरा देवारा गांव में रविवार की सुबह आठ बजे अंगीठी की चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। इस दौरान सिलिंडर के चूल्हे पर खाना बना रही महिला घबरा गई और भाग कर शोर मचाने लगी। इस बीच सिलिंडर भी आग की चपेट में आ गया और फट गया। हादसे में झोपड़ी में ही सो रहा डेढ़ वर्षीय बालक जिंदा जल गया। इस अग्निकांड में आठ बकरियां भी जलकर मर गईं।

गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। महिला खाना बनाने के दौरान अंगीठी से आग भी ताप रही थी। वह कुछ दिन पूर्व ही बालक के साथ अपने मायके पहुंची थी।

डेढ़ साल का था रोहित

खैरा देवारा निवासी रामबढ़ाई चौहान की पुत्री रविता का विवाह क्षेत्र के छतहरा में रामप्रकाश चौहान के साथ हुआ है। इनका एक डेढ़ वर्ष का पुत्र रोहित था। रामबढ़ाई घर में अकेले ही रहते हैं। इसकी वजह से उनकी देखभाल के लिए रविता कुछ दिन पूर्व ही अपने पुत्र के साथ मायके आई थी।

चूल्हे पर खाना बना रही थी मां

रविवार की सुबह रामबढ़ाई अपने काम पर निकल गए और रविता लगभग आठ बजे रिहायशी झोपड़ी में गैस चूल्हे पर खाना बना रहीं थीं। वह पास में ही एक अंगीठी भी जलाकर आग ताप रही थी। इस दौरान पुत्र रोहित भी झोपड़ी में सो रहा था। इसी बीच अचानक अंगीठी की चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। इसे देखकर रविता घबरा गई और बाहर निकलकर शोर मचाने लगी। इसी बीच आग की चपेट में आने से सिलिंडर भी फट गया। इससे आग ने विकराल रूप ले लिया।

आग की चपेट में आकर जिंदा जला बालक

आग का भयावह रूप देखकर कोई भी झोपड़ी में जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। इस दौरान आग की चपेट में आकर अबोध रोहित जिंदा जल गया।

वहीं, झोपड़ी के बगल में बांधी गईं आठ बकरियां भी आग की चपेट में आकर मर गईं। अग्निकांड की सूचना पर मौके पर पहुंचे पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि चंद्रमणि यादव ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने के साथ ही आर्थिक मदद दी। राजस्व विभाग की टीम क्षति का आकलन करते हुए आवश्यक कार्रवाई में जुटी थी।

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