दिव्यंगजनों के लिए मशीहा बनाकर बागपत पहुंचे थे आईएएस जितेंद्र प्रताप सिंह

सचिन त्यागी

बागपत जिले के दिव्यंगजनों को आईएएस जितेंद्र प्रताप सिंह हमेशा याद रहेंगे। दिव्यंगजनों के लिए कैम्प लगाकर प्रमाणपत्र वितरण कराने वाले जितेंद्र प्रताप सिंह पहले जिलाधिकारी रहे है। अब उनको कानपुर भेज दिया गया है।

आईएएस जितेंद्र प्रताप सिंह के बागपत जिलाधिकारी बनने से पहले दिव्यांगों को स्वास्थ्य विभाग परेशान करता था, रिश्वत मांगने की शिकायतें रहती थी, दिव्यांग विभाग कार्यालय के चक्कर काटते रहते थे। बागपत जिलाधिकरी आईएएस जितेंद्र प्रताप द्वारा सम्पूर्ण समाधान तहसील दिवस में दिव्यांग कैम्प लगाने का निर्देश दिए। इस कैम्प में सभी दिव्यंगजनों की जांच होती और बिना किसी घूसखोरी के दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाये गए। उनके कार्यकाल के दौरान करीब 600 से ज्यादा दिव्यंगजनों को उनके इस प्रयाश का लाभ मिला। बागपत की आम जनता के बीच उनकी छवि इतनी अच्छी थी कि एक आम आदमी उनके साथ मजाक भी कर लिया करता था। जबकि आम तौर पर ऐसा देखने को नही मिलता है। जितेंद्र प्रताप सिंह लापरवाह अधिकारियों पर एक्शन को लेकर भी जाने जाते है। उनके द्वारा कई लेखपालों पर कड़ी कारवाई की गई। निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण कराया गया। सरकारी स्कूली बच्चों के साथ समय बिताना, गरीब की मदद करना, बुजुर्गो का सम्मान पूर्वक कार्य कराना, हंसते हुए सभी को अपना बना लेना उनके स्वभाव में शामिल रहा है। बागपत के जनता उन्हें याद रखेगी।

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