फिरोजाबाद। रामगढ़ क्षेत्र स्थित मुस्लिम बस्ती चिश्ती नगर कश्मीरी गेट में सोमवार दोपहर एक और मंदिर का ढांचा मिला। चूने से बने मंदिर ढांचा के करीब 100 वर्ष पुराना होने का अनुमान है। यह 50 वर्ष से बंद है। इसकी जानकारी पर हिंदू संगठनों के पदाधिकारी- कार्यकर्ता थाना रामगढ़ पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। गुंबद के नीचे कार्यकर्ता खोदाई कर रहे हैं।
बजरंग दल के महानगर सुरक्षा प्रमुख सत्यम शर्मा को दोपहर दो बजे कुछ कार्यकर्ताओं ने चिश्ती नगर कश्मीरी गेट स्थित मोहम्मदी मस्जिद से 100 मीटर की दूरी पर गली में मंदिर का ढांचा होने की जानकारी दी थी। सत्यम से इसकी जानकारी पर विहिप के अध्यक्ष राजीव शर्मा और हिंदू संगठनों के पदाधिकारी- कार्यकर्ता थाना रामगढ़ पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर करीब 350 वर्ग फुट खाली जगह पर मंदिर का गुंबद मिला। आसपास के लोग खाली जगह पर कूड़ा डालते थे। इसके बाद दो फावड़े मंगा कर गुंबद के नीचे खोदाई कार्यकर्ताओं ने शुरू की।
बुजुर्ग ने क्या बताया?
पड़ोस में रहने वाले 75 वर्षीय बुजुर्ग शमीउद्दीन ने बताया कि छोटे लाल, डोरी लाल और उनके चार भाईयाें की 20 बीघा जमीन यहां थी। वर्ष 1979 में चारों भाईयों ने कुछ जमीन की प्लाटिंग स्वयं करके बेच दी तो कुछ प्रापर्टी डीलरों को बेच दी थी। बाद में वे मंदिर में रखी मूर्तियों को गाजे-बाजे के साथ यहां से ले गए।
वर्तमान में चारों लोग न्यू रामगढ़ क्षेत्र में रह रहे हैं। मंदिर वर्ष 1979 से भी काफी पुराना है। इस बीच थाना रामगढ़ पुलिस के वर्ष 1982 का बैनामा हाथ लगा है जिसे ठाकुर दास ने किसी रुखसाना बेगम को बेचा था। खोदाई की जानकारी मिलने पर आसपास के लोगों की भीड़ लग गई थी।
वहीं एसएसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि रामगढ़ क्षेत्र में प्राचीन मंदिर मिलने की जानकारी मिली है। दोनों समुदायों के लोग वहां सफाई कार्य कर रहे हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर कोई परेशानी नहीं है।
कई दशक बाद भी नहीं बदला गली का नाम
जिस जगह मंदिर का ढांचा मिला है, उसके आसपास मुस्लिम समुदाय के दर्जनों परिवार रहते हैं। केवल संबंधित गली में ही दो दर्जन से अधिक लोगों के घर हैं। परंतु इस गली का नाम अब भी मंदिर वाली गली ही है।
एलआइयू ने नहीं दी पुलिस प्रशासन को जानकारी
हैरानी की बात यह कि संबंधित जगह पर रामगढ़ पुलिस और एलआइयू दोपहर 3.30 बजे ही पहुंच गई थी, हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने फावड़े से खोदाई शुरू कर दी थी लेकिन एसएसपी को शाम 5.30 बजे तक इस बड़े मामले की जानकारी एलआइयू ने नहीं दी।