भगवान भास्कर का धनु व मीन राशि पर होने वाले संचरण को ज्योतिष शास्त्र में खरमास कहा गया है। धनु व मीन राशि का स्वामी बृहस्पति को माना जाता है। ये मांगलिक कार्य संग विवाह आदि के कारक माने जाते हैं। धर्मपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पंडित अरुण सती का कहना है कि 12 महीने में खरमास दो बार होता है। इसमें प्रथम मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी जबकि दूसरा मध्य मार्च से मध्य अप्रैल तक रहता है। बीते साल में विवाह लग्न का अभाव रहा लेकिन इस बार काफी लग्न हैं।
14 मार्च से 13 अप्रैल तक खरमास
उन्होंने बताया कि 14 मार्च से खरमास शुरू होगा जो 13 अप्रैल तक रहेगा। इस बीच शादियां नहीं हो सकेंगी। वहीं, 6 जुलाई एक नवंबर तक चातुर्मास के चलते अबूझ मूहुर्त छोड़कर मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा।
ये हैं मांगलिक कार्य के दिन
- जनवरी- 14, 15, 16
- फरवरी- 2, 3, 6, 7, 8, 13, 20, 21, 25
- मार्च- 3, 5, 6, 7
- अप्रैल- 14, 16, 18, 19, 20, 21, 22, 29, 30
- मई- 1, 5, 6, 7, 8, 10, 13, 17, 18, 19, 24, 28
- जून- 1, 2, 4, 7
- अक्टूबर- 2
- नवंबर- 22, 23, 24, 25, 27, 29, 30
- दिसंबर – 4, 5 और 6
कारोबारियों के चेहरे पर दिखेगी खुशी
देहरादून शहर की बात करें तो यहां पर करीब 150 छोटे, जबकि 75 बड़े होटल वेडिंग प्वाइंट हैं। छोटे होटल, वेडिंग प्वाइंट में व्यक्तियों के रहने की क्षमता 100 से 200 जबकि बड़े में 500 से अधिक रहती है। जिनमें शादी, सगाई, मुंडन आदि समारोह होते हैं। दून वैली होटल एसोसिएशन के सचिव पंकज गुप्ता का कहना है कि इन दिनों सीजन है तो होटल वैसे भी फुल हैं।
उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति के लिए भी अधिकांश होटल वेडिंग हाल में बुकिंग पहुंची है। वहीं, सोना चांदी के दाम आगे और अधिक ना बढ़े इसलिए ज्वेलर्स की दुकानों पर भी लोग एडवांस बुकिंग दे रहे हैं। मकर संक्रांति के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं विवाह और मांगलिक कार्यों से जुड़े फूल, डेकोरेशन, पार्लर, बैंड पार्टी, कैटरिंग आदि कारोबारियों के चेहरे पर भी खुशी नजर आने लगी है।

