जौनपुर। एकमुश्त समाधान योजना में कम वसूली करने पर तीन अधिशासी अभियंताओं पर गाज गिरी। मंगलवार को वर्चुअल हुई समीक्षा बैठक में पूर्वांचल में सबसे खराब स्थिति के कारण अधिशासी अभियंता मछलीशहर राम सनेही, अधिशासी अभियंता द्वितीय रमेश चंद्रा व चतुर्थ प्रसून त्यागी को निलंबित कर दिया गया।
ओटीएस के तहत सभी श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं को अपने विलंबित भुगतान अधिभार में छूट दी जा रही है। उपभोक्ताओं के एकमुश्त जमा करने पर सरचार्ज में सौ प्रतिशत की छूट मिल रही है। योजना से जुड़ने के लिए पंजीकरण का समय 30 सितंबर तक के विद्युत बिलों के मूल बकाये का 30 प्रतिशत जमा करना अनिवार्य है।

दस क‍िस्‍त में भुगतान कर सकेंगे घरेलू उपभोक्‍ता

घरेलू उपभोक्ता दस किस्त में और बाकी चार किस्त में भुगतान कर सकेंगे। घरेलू उपभोक्ताओं को एक किलोवाट भार के पांच हजार रुपये तक के बकाया पर 17 दिन में जमा करने पर अधिभार में सौ प्रतिशत सरचार्ज में छूट मिलेगा। अन्य घरेलू, वाणिज्यिक, निजी संस्थान, लघु एवं मध्यम औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं को बकाया अधिकार में अधिकतम 70 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

कृषि‍ उपभोक्‍ताओं को शत-प्रतिशत छूट का लाभ

कृषि उपभोक्ताओं को एक अप्रैल 2023 के बकाया पर अधिभार में शत-प्रतिशत छूट का लाभ मिल रहा है। योजना 15 दिसंबर से शुरू होकर 31 जनवरी तक चलेगी।

क्‍यों की गई कार्रवाई?

अधीक्षण अभियंता सर्किल प्रथम विवेक खन्ना ने बताया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण खंड के एमडी शंभू कुमार ने मंगलवार को वर्चुअल बैठक में योजना की समीक्षा की। इस दौरान योजना के तहत आने वाले एक हजार बकायेदारों में सबसे कम उपभोक्ताओं का बकाया जमा करने वाले पूर्वांचल के जिन 17 अधिशासी अभियंताओं को निलंबित किया गया उनमें जौनपुर के तीन अधिशासी अभियंता हैं।

बताया कि मछलीशहर में एक हजार बकायेदार उपभोक्ताओं के सापेक्ष सिर्फ 15, विद्युत वितरण खंड द्वितीय में 17 और चतुर्थ खंड में 18 उपभोक्ता ही योजना से जोड़े जा सके हैं। इसी को लेकर कार्रवाई की है।

ओवरलोड से घनश्यामपुर व नौपेड़वा फीडर को बारी-बारी मिल रही बिजली

(जौनपुर)। विद्युत उपकेंद्र उसरा बाजार के घनश्यामपुर व नौपेड़वा फीडर के उपभोक्ताओं को ओवरलोड के चलते बारी-बारी से एक-एक घंटे की आपूर्ति की जा रही है। इससे किसान रतजगा कर गेंहू की सिंचाई करने को मजबूर हो रहे हैं। विभाग पूरी तरह मौन साधे हुए हैं।

उपकेंद्र के घनश्यामपुर व नौपेड़वा फीडर को दस एमबीए के ट्रांसफार्मर से आपूर्ति दी जाती है। एक पखवाड़े से अत्यधिक लोड के चलते दिन में एक घंटे घनश्यामपुर को तो एक घंटे नौपेड़वा फीडर को आपूर्ति की जा रही है। इस समय गेंहू की सिंचाई का समय चल रहा है। किसान दिन में पर्याप्त बिजली न मिलने से रात में कड़ाके की ठंड में रतजगा करने को मजबूर हैं।

किसानों का आरोप है कि खेती-किसानी के समय ही सरकारी व्यवस्थाएं धोखा देती हैं। इससे किसान परेशान हो जाता है। इस संबंध में अवर अभियंता अनीश यादव ने बताया कि ओवरलोड बढ़ने के कारण ऐसी आपूर्ति दी जा रही है। नौरंगाबाद में एक उपकेंद्र का निर्माण हो रहा है। उसके बन जाने के बाद समस्या दूर हो जाएगी।

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