ग्रेटर नोएडा। देश टेक्सटाइल के क्षेत्र में नए आयाम लिख रहा है। भारत देश अब खुद का साइजिंग चार्ट ला रहा है, जिसका उद्घाटन जल्द ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। दरअसल विदेश से आने वाले कपड़े, जूते उनकी साइजिंग के हिसाब से आते हैं।
इस कारण कई बार लोगों को उनकी फिटिंग के परिधान नहीं मिल पाते। अब देशवासियों की कद काठी के हिसाब से खुद का साइजिंग चार्ट होगा। देश में सात पीएम मित्र पार्क बन रहे हैं। इन पार्क से 70 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

निर्यात के क्षेत्र में देश ने पकड़ी रफ्तार-गिरिराज सिंह

साथ ही टेक्सटाइल क्षेत्र में भी असीमित विकास होगा। 2014 में जहां देश 19 लाख करोड़ रुपये का निर्यात कर रहा था व अब 80 लाख करोड़ रुपये हो गया। ये बातें केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहीं। वह इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में टीबीडी की ओर से आयोजित एचआर शिखर सम्मेलन और उत्कृष्टता पुरस्कार कार्यक्रम की अध्यक्षता करने पहुंचे थे।

कार्यक्रम में टीबीडी ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के लोगों को टेक्सटाइल सेक्टर में शानदार प्रदर्शन करने पर कपड़ा मंत्री गिरिराज ने उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया। आज टेक्सटाइल बाजार 14 लाख करोड़ रुपये है जिसे 30 लाख करोड़ रुपये तक ले जाना है।

टेक्सटाइल के इंस्फ्राक्टचर के लिए हर साल 10 लाख करोड़ खर्च

इसके लिए टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े मानव संसाधन की दक्षता को मजबूत करना है। इस कार्यक्रम में इसी विषय पर मंथन किया गया है, जो कि एक सकारात्मक परिणाम को भविष्य में सामने लाएगा। टेक्सटाइल सेक्टर के इंस्फ्राक्टचर के लिए प्रति वर्ष 10 लाख करोड़ खर्च किए जाते हैं।

मिल्कवीड को काटन यार्न के साथ मिक्स कर मजबूत, किफायती और मुलायम परिधान बनाए जा रहे हैं। आज देश में स्टार्टअप की लहर है, 2014 से पहले इसकी संख्या बहुत ही कम थी। प्रधानमंत्री की स्टार्टअप इंडिया पहले ने नए उद्यमियों को खड़ा कर दिया है।
इस मौके पर कपड़ा मंत्रालय के अपर सचिव रोहित कंसल, कपड़ा और हथकरघा विभाग के प्रधान सचिव आलोक कुमार, आयोजक यूनिफाइड नालेज सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कुमार अभिषेक, सीईओ रवि भूषण आदि मौजूद रहे।

राहुल गांधी नौटंकी मास्टर

संसद में हुए बवाल पर किए सवाल पर गिरिराज सिंह ने कहा कि पक्ष और विपक्ष को स्पष्ट बात सामने रखनी चाहिए। एक गरीब सांसद जो साइकिल पर चलता था, जनता ने चुनकर संसद भेजा, उसका मजाक उड़ा रहे हैं।
राहुल गांधी तो देश के इतिहास में नौटंकी मास्टर व अराजकता के प्रतीक बन गए हैं, जो धक्का मुक्की देने का काम करते हैं। आजतक संसद में प्रदर्शन शांत माहौल में होता था, इस तरह की धक्का मुक्की नहीं हुई।
जानबूझकर प्रताप सारंगी को गिराया गया। मल्लिकार्जुन खरगे इस उम्र में सत्य नहीं बोल पा रहे हैं। आंबेडकर विवाद के सवाल पर कहा कि रिकॉर्डिंग बाहर की है। उसे गलत दर्शाया गया है।

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