लखनऊ। अगले वित्तीय वर्ष यानी 2025-26 से विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विधायकों पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी क‍ि एआई की नजर भी रहेगी। विधायक की हर एक गतिविधि की जानकारी इससे आसानी से पता चल जाएगी। सत्र के दौरान सदस्यों की सदन में उपस्थिति व चर्चाओं में किसने कितना भाग लिया, किसने कितने प्रश्न पूछे, सब कुछ एआइ बता देगा। सर्वश्रेष्ठ विधायक चुनने में भी एआई बड़ी मदद करेगा।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने शुक्रवार को बताया कि अगले वित्तीय वर्ष से विधानसभा की कार्यवाही में एआई का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे यह तुरंत पता चल जाएगा कि कौन से विधायक सदन में कितनी देर बैठे और उन्होंने अपने क्षेत्र से जुड़े कितने सवाल किए और कौन से मुद्दे उठाए। एआई इस्‍तेमाल करने का मकसद यह है कि सदस्य सदन की कार्यवाही में ज्यादा से ज्यादा हिस्सा लें और चर्चा में अधिक से अधिक शामिल हों।

अनुपूरक बजट पर चर्चा नहीं हुई

इसके अलावा उन्होंने कहा कि पौने तीन वर्ष के उनके कार्यकाल में एक बार पहले 36 मिनट विधानसभा की कार्यवाही बाधित रही थी और बीते शीतकालीन सत्र के दौरान भी सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। सदन में चर्चा होती है तो अच्छा होता है। अनुपूरक बजट पर पहले चर्चा नहीं होती थी किंतु मैं जब से आया हूं इस पर चर्चा करानी शुरू की थी। इस बार सदन में अनुपूरक बजट पर चर्चा नहीं हो सकी।

विधानसभा की कार्यप्रणाली में पहले से काफी सुधार आया हैं किंतु इस बार की घटना से वह थोड़ा व्यथित जरूर हैं। महाना ने बताया कि उन्होंने विधायकों के साथ विभिन्न मुद्दों पर उन्होंने अलग-अलग चर्चा करने का निर्णय लिया है। इसके लिए विधायकों को अलग-अलग पांच समूहों में बांटा गया है। विधायकों के समूहों के साथ 23 दिसंबर से छह जनवरी के बीच होटल सेंट्रम में चर्चा की जाएगी।
पहले दिन 23 दिसंबर को ‘मानदंड, मानक और दिशा-निर्देश
सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाकर संसदीय संस्थाओं को सुदृढ़ बनाना’ विषय पर चर्चा होगी। इसमें सत्ता पक्ष व विपक्ष के वरिष्ठ सदस्यों को बुलाया गया है।
24 दिसंबर को ‘वोट बनाम लाइक
असत्य समाचारों और कृत्रिम मीडिया के युग में लोकतांत्रिक लचीलापन सुदृढ़ करने में संसद की भूमिका’ पर चर्चा होगी। इसमें बीटेक, एमबीए योग्यताधारी व डाक्टर विधायकों को बुलाया जाएगा। दो जनवरी को ‘सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाकर संसदीय संस्थाओं को सुदृढ़ बनाना’ विषय पर विधि स्नातक विधायकों के साथ चर्चा होगी।
तीन जनवरी को महिला विधायकों के साथ ‘भेदभावपूर्ण कानून का मुकाबला
लिंग आधारित हिंसा के विरुद्ध 365 दिनों की सक्रियता’ विषय पर चर्चा होगी। पांचवी बैठक छह जनवरी को ‘संसदीय प्रक्रियाओं और प्रथाओं में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग-अवसर और चुनौतियां’ विषय पर होगी। इसमें भी बीटेक, एमबीए व डाक्टर विधायकों को बुलाया गया है।

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