नई दिल्ली। पीसीएस व आरओ/एआरओ की एक दिन एक पाली में परीक्षा और नार्मलाइजेशन रद करने की मांग को लेकर छात्रों का दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी है। सैकड़ों की संख्या में छात्र उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के बाहर एकत्र होने लगे हैं। हालांकि पुलिस ने अपनी स्ट्रेटजी में बदलाव किया है। आयोग के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल व पीएसी तैनात है। प्रदर्शन के दूसरे दिन की शुरूआत छात्रों ने राष्ट्रगान करने के बाद किया।

वहीं सुबह जिलाधिकारी व कमिश्नर एक बार फिर आंदोलनकारी छात्रों से बात करने पहुंचे। जिलाधिकारी ने लाउडस्पीकर के माध्य से छात्रों से बात की। छात्रों से कहा- हम आपके लिए बातचीत का एक मंच दे रहे हैं। आप अपनी बातें अपने प्रतिनिधी मंडल के माध्यम से आयोग के अधिकारियों के समक्ष रख सकते हैं। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से प्रदर्शन खत्म करने की बार-बार अपील की।
बता दें एक दिन पहले भी आयोग ने छात्रों से बातचीत करते हुए कहा था- कि इस संबंध में एक कमेटी बना दी जाती है, पर छात्र नहीं माने। कहा- अब आयोग को निर्णय लेना है। एक दिवसीय परीक्षा की बहाली होने पर ही वह हटेंगे। आयोग के सामने चुनौती है कि यदि वह एक दिवसीय परीक्षा का निर्णय लेगा तो पीसीएस और आरओ-एआरओ दोनों परीक्षा टलनी तय है और यदि दो दिवसीय परीक्षा पर अड़ा रहता है तो उसके छात्रो के प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा।

छात्रों का आयोग पर आरोप

एक दिन एक पाली में परीक्षा और नार्मलाइजेशन रद करने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा- परीक्षा कराने में अक्षमता छुपाने के लिए आयोग दो दिवसीय परीक्षा और नार्मलाइजेशन के नाम पर अभ्यर्थियों के भविष्य से खेल रहा है। ऐसे में डेढ़ साल से परीक्षा का इंतजार कर रहे प्रतियोगी छात्रों को यह आयोग ओवरएज करके ही दम लेगा।

नौकरी की तैयारी कर रहे दुर्गा यादव ने कहा एक बार परीक्षा की तिथि तय होने के बाद छात्र तैयारी में जुटते हैं, फिर बार-बार टलने से रिदम टूटता है। जो असफलता का कारण बनता है।

हिमालय सिंह कहते हैं कि आयोग परीक्षा नहीं अभ्यर्थियों के करियर से खिलवाड़ कर रहा है। कभी पेपर लीक होता है तो कभी कापी बदल जाती है। समय पर मार्कशीट या कटआफ जारी नहीं होता।

क्यों प्रदर्शन कर रहे छात्र?

लोकसेवा आयोग द्वारा पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा सात और आठ दिसंबर को प्रस्तावित की गई है। वहीं आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा 22 व 23 दिसंबर को प्रस्तावित की है। प्रदर्शनकारी छात्र दो दिवसीय परीक्षा और नार्मलाइजेश को लागू करने का विरोध कर रहे हैं।

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