चकबंदी से परेशान एक किसान ने बडौतत हसील परिसर में खाया जहरीला पदार्थ, किसान की हालत है गंभीर । जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चकबंदी अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगा है। किसान कई वर्षों से जमीन पैमाइश को लेकर बड़ौत चकबंदी कार्यालय में अधिकारियों के चक्कर काट रहा है।
बागपत जिले की बड़ौत तहसील क्षेत्र के बामनोली गांव में करीब दो दशक से चकबंदी चल रही है। करीब एक दर्जन से अधिक किसान आज भी भूमि अधिकार को लेकर चकबंदी अधिकारियों के चक्कर काट रहे है। जिसमें कुछ किसान ऐसे है जिनको कागजो में जमीन दे दी गयी है लेकिन धरातल पर उन्हें कोई कब्जा नही दिया गया। मंगलवार को बामनोली निवासी किसान अनुज बड़ौत तहसील पहुंचा और चकबंदी अधिकारियों से अपनी समस्या बताई , आरोप है कि चकबन्दी अधिकारियों ने किसान के साथ गलत व्यवहार किया, जिससे परेशान होकर किसान अनुज ने जहरीला पदार्थ खा लिया।
किसान अनुज के भाई ने बताया कि ये मेरे ताऊजी का लड़का है इनका नाम अनुज है इनकी जमीन करीब 2/13 बीघा है 3 चक ( खेत ) है और आज तक इन्हे किसी भी खेत पर कोई कब्जा नहीं मिल पाया वर्ष 2016 से A.C.O. (अपर चकबंदी अधिकारी ) के पास जाता है। सबको इसने प्रार्थना पत्र दिया लेकिन आज तक ना तो नपाई हुई ना कब्जा मिला । इसके ऊपर 9 लाख रूपये का बैंक का कर्ज है हो चुका है ( किसान क्रेडिट कार्ड ) कर्ज के 3 नोटिस आ चुके है। इसके पास अब इसकी जमीन कुर्क होने के नंबर पर आ गयी ये रोज हाथ जोड़ता है लेकिन फिर भी इसकी जमीन की नपाई के लिये A.C.O. ने मना कर दिया। मंगलवार को जब अनुज A.C.O. साहब के पास पहुंच तो उन्होंने कहा, तूने सर मे दर्द कर दिया, इस जहर को खा कर एक तरफ कर। यह सुनकर अनुज ने कुछ नशीला पदार्थ खा लिया है और अस्पताल में भर्ती है।

