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बाढ प्रभावित क्षेत्र में राहत बचाव काम शुरू, नुकसान के लिए सिंचाई विभाग जिम्मेदार
सचिन त्यागी
बागपत जिले के सुभानपुर गांव में यमुना का तटबंध टूटने से करोड़ो की क्षति होने की संभावना है। प्रशासन इसका आंकलन कर रहा है। अब्दलपुर व सुभानपुर में राहत बचाव कार्य किया जा रहा है। दवांईयां, पीने का पानी, राशन दिलाया जा रहा है। डीएम, एसडीएम व सांसद ने मौके पर पहुंचकर लोगों से जानकारी ली है। तटबंध को रोकने में टीमे लगी हुई है।

खेकड़ा तहसील क्षेत्र के सुभानपुर गांव के पास अल्लीपुर तटबंध के टूटने से बागपत गाजियाबाद, और दिल्ली क्षेत्र तक पानी पहुंच गया। बागपत के अब्दलपुर व सुभानपुर गांव इस बाढ से ज्यादा प्रभावित हुए। अब्दलपुर गांव के कई घरों में बाढ़ का पानी घूस गया और खेत जलमग्न हो गये। वही सुभानपुर का जंगल भी जल से प्रभावित हुआ है। गांव में कोई जानमाल की हानि नहीं हुई है।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि यमुना के जलस्तर मंे काफी गिरावट हुई है। तटबंध को रोकने का काम तेजी के साथ किया जा रहा है। गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाए गये है। पीने का पानी पहुंचाया गया है लोगों से बात कर समस्याओं को दूर किया जा रहा है। फोगिंग करायी जा रही है।तटबंध टूटने की जांच करेगा सिंचाई विभाग जिलाधिकारी ने बताया कि यमुना तटबंध टूटने की जांच सिंचाई विभाग कर रहा है। सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी है। लखनउ से भी मामले पर जानकारी मांगी गयी है। आगे से इस तरह की पुनर्रावृत्ति न हो इसके लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।
क्या कर लेता लेखपाल यह काम सिंचाई विभाग का
खेकड़ा एसडीएम ज्योति शर्मा ने इसको सिंचाई विभाग की गलती माना है। उनका कहना है कि राजस्व कर्मचारी ने इसकी जानकारी सिंचाई विभाग को समय से दी थी। आगे का काम सिंचाई विभाग का था।

