भाकियू (अराजनैतिक) में इस्तीफों से हलचल, किसान नेता ठाकुर कुशलवीर सिंह ने पदाधिकारियों के साथ छोड़ा संगठन

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) में संगठन की नीतियों को लेकर असंतोष सामने आया है। युवा मंडल प्रभारी के पद पर कार्य कर रहे किसान नेता ठाकुर कुशलवीर सिंह ने ब्लॉक चरथावल के ग्राम अध्यक्षों और अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों के साथ संगठन से त्यागपत्र देने का ऐलान किया। कुशलवीर सिंह के मुताबिक, किसानों के हितों की अनदेखी और संगठन के भीतर कथित तौर पर चल रही गतिविधियों से आहत होकर यह फैसला लिया गया है। एक ही दिन में त्यागपत्र को लेकर उनका यह दूसरा कार्यक्रम था।

गांव दूधली में जुटे किसान, संगठन छोड़ने का किया ऐलान

ठाकुर कुशलवीर सिंह ने ब्लॉक चरथावल के नदी पार क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) से जुड़े किसानों के साथ गांव दूधली में बैठक की। इस दौरान उन्होंने संगठन से त्यागपत्र देने की घोषणा की। उनके अनुसार, संगठन की नीतियों और किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से असंतोष था। इसी के चलते उन्होंने अन्य जिम्मेदार किसानों के साथ संगठन से अलग होने का निर्णय लिया।

कुशलवीर सिंह की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इससे पहले भी उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों और ग्राम अध्यक्षों के साथ त्यागपत्र को लेकर कार्यक्रम किया था। गांव दूधली में आयोजित कार्यक्रम एक ही दिन में उनका दूसरा इस्तीफा कार्यक्रम बताया गया है।

संगठन के भीतर किसानों के मुद्दों को लेकर उठाए सवाल

किसान नेता ठाकुर कुशलवीर सिंह और उनके साथ मौजूद किसानों ने संगठन के कुछ उच्च पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि किसानों के हितों को लेकर किए जाने वाले आंदोलनों और धरना-प्रदर्शनों के साथ न्याय नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पदाधिकारी किसान आंदोलनों का इस्तेमाल अपने निजी हितों के लिए कर रहे हैं।

कुशलवीर सिंह के साथ मौजूद किसानों का कहना है कि किसान संगठनों की प्राथमिकता किसानों की समस्याओं का समाधान कराना और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करना होना चाहिए। यदि संगठन के भीतर ही किसानों के हितों के विपरीत काम होने के आरोप सामने आते हैं, तो इससे संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।

आरडीएफ आंदोलन को लेकर लगाए गंभीर आरोप

ठाकुर कुशलवीर सिंह ने मुजफ्फरनगर में आरडीएफ के खिलाफ हुए एक बड़े आंदोलन का जिक्र करते हुए संगठन के एक चर्चित किसान नेता पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि आरडीएफ के मुद्दे पर आंदोलन करने के बाद संबंधित किसान नेता ने कथित तौर पर कुछ फैक्ट्रियों और प्रशासनिक स्तर पर मिलीभगत कर अपने सहयोगी की पत्नी के नाम आरडीएफ सप्लाई का लाइसेंस बनवाने में भूमिका निभाई।

कुशलवीर सिंह ने आरोप लगाया कि जिस मुद्दे को लेकर किसानों और आम लोगों के बीच आंदोलन किया गया, उसी से जुड़े कारोबार में कथित तौर पर निजी लाभ हासिल किया गया। उन्होंने संबंधित किसान नेता के एक सहयोगी का भी उल्लेख किया और दावा किया कि वह सहयोगी अक्सर मंत्रियों और अधिकारियों के साथ दिखाई देता है।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित किसान नेता, कथित सहयोगी और अन्य पक्षों का जवाब भी सामने आना बाकी है।

पेस्टिसाइड के मुद्दे पर भी वसूली का आरोप

किसान नेता ठाकुर कुशलवीर सिंह ने पेस्टिसाइड यानी कीटनाशक के मुद्दे को लेकर भी आरोप लगाए। उनका कहना है कि पहले मुजफ्फरनगर में पेस्टिसाइड को लेकर बड़े स्तर पर विरोध किया गया था। कुशलवीर सिंह ने आरोप लगाया कि इस विरोध के बाद कीटनाशक बेचने वाले दुकानदारों और सप्लायरों से कथित तौर पर मोटी रकम वसूली गई।

इसके अलावा उन्होंने संगठन के एक किसान नेता पर कथित रूप से दलाली और रिश्वतखोरी करने वाले लोगों को प्राथमिकता देने तथा उनके माध्यम से किसानों से ठगी और वसूली कराए जाने के आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि उक्त किसान नेता पर उनके पिछले संगठन की ओर से भी चोरी और ठगी के आरोप लगाए जा चुके हैं।

इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक जवाब उपलब्ध होने पर खबर में शामिल किया जा सकता है।

किसानों से सतर्क रहने की अपील

ठाकुर कुशलवीर सिंह ने किसानों से ऐसे किसान नेताओं और संगठनों की कार्यप्रणाली के प्रति सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान संगठनों का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को उठाना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और जरूरत के समय उनके साथ खड़ा होना होना चाहिए।

गांव दूधली में हुए कार्यक्रम और ब्लॉक चरथावल के विभिन्न गांवों से जुड़े किसानों के त्यागपत्र के दावे के बाद भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) में संगठनात्मक असंतोष का मुद्दा चर्चा में आ गया है। हालांकि, त्यागपत्र देने वाले पदाधिकारियों और किसानों की वास्तविक संख्या, उनके लिखित इस्तीफों तथा संगठन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

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