चरथावल में डीएम के आदेश पर क्यों नहीं हो रहा तत्काल पालन? लंबित भुगतान-टेंडर को लेकर सभासदों ने उठाए सवाल
राजसत्ता पोस्ट|असलम त्यागी
चरथावल के रिक्त लिपिक पद पर संदीप अग्रवाल की संबद्धता, तत्काल कार्यभार ग्रहण के निर्देश; लंबित भुगतान और रुकी टेंडर प्रक्रिया को लेकर सभासदों ने उठाए गंभीर सवाल
मुजफ्फरनगर जनपद के नगर पंचायत चरथावल में रिक्त लिपिक पद को लेकर जिलाधिकारी के स्तर से जारी आदेश के बाद स्थानीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) देश दीपक सिंह की ओर से 8 सितंबर 2026 को जारी कार्यालय ज्ञाप में स्पष्ट किया गया है कि आदेश तत्काल प्रभावी होंगे। इसके बावजूद आदेश के अनुपालन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर अब सवाल उठने लगे हैं।
जिलाधिकारी के 7 सितंबर के आदेश/अनुमोदन के बाद नगर पंचायत सिसौली के लिपिक महेश प्रसाद को चरथावल के लिपिक पद के अतिरिक्त प्रभार से कार्यमुक्त किया गया है। इसके स्थान पर नगर पालिका परिषद खतौली के लिपिक संदीप अग्रवाल को नगर पंचायत चरथावल के रिक्त लिपिक पद पर संबद्ध किया गया है। आदेश में यह व्यवस्था स्थायी व्यवस्था होने या अग्रिम आदेश तक प्रभावी रखने की बात कही गई है।
प्रशासन ने महेश प्रसाद को चरथावल के लिपिक से संबंधित अभिलेख और कार्यभार तत्काल संदीप अग्रवाल को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं संदीप अग्रवाल को भी तत्काल कार्यभार ग्रहण कर शासकीय कार्यों का संपादन सुनिश्चित करने को कहा गया है। यानी प्रशासनिक आदेश में कार्यभार हस्तांतरण और नई जिम्मेदारी संभालने को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
इसी बीच नगर पंचायत के सभासद आलम त्यागी और फिरोज अंसारी ने आरोप लगाया है कि आदेश को प्रभावी होने से रोकने अथवा उसके अनुपालन में देरी के पीछे नगर पंचायत में लंबे समय से रुके हुए भुगतानों को निपटाने और काफी समय से लंबित टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का खेल हो सकता है। सभासदों का आरोप है कि यदि पहले से लंबित भुगतान और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े कार्यों को इसी दौरान पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है, तो इसकी जांच होना जरूरी है।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वास्तव में किसी भुगतान अथवा टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से आदेश के अनुपालन में देरी की जा रही है या नहीं। ऐसे में संबंधित अधिकारियों, अध्यक्षों और जिम्मेदार कर्मचारियों का पक्ष इस मामले में महत्वपूर्ण होगा।
आदेश की प्रतिलिपि नगर विकास विभाग के विशेष सचिव, स्थानीय निकाय निदेशालय, सहारनपुर मंडल के आयुक्त, जिलाधिकारी, नगर पालिका परिषद खतौली और नगर पंचायत चरथावल के अध्यक्षों व अधिशासी अधिकारियों समेत संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक कार्रवाई और अनुपालन के लिए भेजी गई है।
अब बड़ा सवाल यही है कि जब आदेश तत्काल प्रभावी है तो उसका अनुपालन जमीन पर कब तक दिखाई देगा? साथ ही लंबित भुगतानों और रुकी हुई टेंडर प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों की भी प्रशासनिक स्तर पर जांच होती है या नहीं, इस पर निगाह रहेगी। यदि आदेश के बावजूद कार्यभार ग्रहण में देरी होती है तो उसके कारण और जिम्मेदारी तय करना भी प्रशासन के लिए अहम होगा।

