मायावती का बड़ा बयान: अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास पर बोलीं- ‘देर आए दुरुस्त आए’, आकाश आनंद को लेकर भी किया बड़ा ऐलान
अनुज त्यागी
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे देर से उठाया गया सही कदम बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट में मायावती ने कहा कि यदि यह फैसला पहले लिया गया होता तो पार्टी, बहुजन समाज और बहुजन मूवमेंट के साथ-साथ आकाश आनंद को भी लगातार विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता।
मायावती ने कहा कि बसपा की अम्बेडकरवादी राजनीति त्याग, तपस्या, संघर्ष और कुर्बानी के साथ निजी व पारिवारिक स्वार्थ से दूर रहने की पहचान रखती है। उन्होंने कहा कि पार्टी से जुड़े लोगों को निजी और पारिवारिक स्वार्थ तथा पद की लालसा से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।
अपने बयान में मायावती ने अशोक सिद्धार्थ के फैसले को ‘देर आए दुरुस्त आए’ बताया, लेकिन साथ ही उनकी नीयत और अभिलाषा को लेकर सवाल भी उठाए। उन्होंने आकाश आनंद के रवैये पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने अशोक सिद्धार्थ से जुड़े मायावती के एक्स पोस्ट को रिपोस्ट नहीं किया, जबकि इससे पहले वे बसपा प्रमुख के पोस्ट रिपोस्ट करते रहे हैं।
मायावती ने आगे कहा कि यदि आकाश आनंद पार्टी और मूवमेंट के हित तथा अपने राजनीतिक करियर की तुलना में रिश्ते-नातों को अधिक महत्व देते हैं तो उनके ‘डबल माइण्ड’ होने का सवाल उठना स्वाभाविक है।
मायावती ने कहा कि आकाश आनंद को 3 सितंबर 2026 को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पद की सभी अहम जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया था। अब उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आकाश आनंद पार्टी में स्वतंत्र रहना चाहते हैं तो वे स्वतंत्र हैं और उन्हें पार्टी से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है।
अंत में मायावती ने बसपा कार्यकर्ताओं से विरोधियों के सभी हथकंडों का डटकर सामना करते हुए खासकर उत्तर प्रदेश में फिर से पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ जुटने का आह्वान किया।
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