चरथावल में शिकायत और ग्रामीणों की गुहार के बाद स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 3 क्लिनिक सील

राजसत्ता पोस्ट|असलम त्यागी

फर्जी/अपंजीकृत चिकित्सकों के खिलाफ अभियान, सिटी मेडिकेयर के लेबर रूम पर भी लगी सील

मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल कस्बे और थाना क्षेत्र में कथित फर्जी एवं अपंजीकृत चिकित्सकों के खिलाफ ग्रामीणों की शिकायत और कार्रवाई की मांग के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाकर कुल चार स्थानों पर कार्रवाई की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीन क्लिनिकों को सील किया, जबकि एक पंजीकृत नर्सिंग होम के लेबर रूम को सील करते हुए संचालक को चेतावनी पत्र जारी किया।

जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए डॉ. जुनेद के क्लिनिक, मेरठ चाइल्ड क्लिनिक और आलम चाइल्ड केयर को सील कर दिया। इन प्रतिष्ठानों के संचालन और वहां चिकित्सकीय सेवाओं को लेकर विभाग द्वारा जांच की गई।

वहीं सिटी मेडिकेयर सेंटर पंजीकृत पाया गया, लेकिन निरीक्षण के दौरान मौके पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। स्वास्थ्य विभाग ने नर्सिंग होम के लेबर रूम को सील कर दिया और संचालक को चेतावनी पत्र जारी किया।

डॉक्टरों के नाम वाले बोर्डों को लेकर भी उठे सवाल

कार्रवाई से पहले ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि चरथावल क्षेत्र में कई स्थानों पर कथित रूप से बिना आवश्यक मानकों और पंजीकरण के क्लिनिक संचालित किए जा रहे हैं। कुछ प्रतिष्ठानों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों के नाम और डिग्री वाले बोर्ड लगाए जाने का भी आरोप लगाया गया था। ग्रामीणों ने आशंका जताई थी कि ऐसे बोर्डों से मरीजों को संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सक के वहां उपलब्ध होने को लेकर भ्रम हो सकता है।

मामले को लेकर ग्रामीणों ने भाजपा नेता सुभाष चौहान से मुलाकात कर स्वास्थ्य विभाग से जांच और कार्रवाई की गुहार लगाई थी। उन्होंने भी मामले को गंभीर बताते हुए नियमविरुद्ध चिकित्सा गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी।

अभियान आगे भी जारी रहेगा

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार बिना पंजीकरण या फर्जी तरीके से प्रैक्टिस करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों और चिकित्सकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद चरथावल क्षेत्र में संचालित अन्य निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लिनिक संचालकों में भी हलचल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र के सभी चिकित्सा प्रतिष्ठानों के पंजीकरण, चिकित्सकों की योग्यता, उपलब्ध सुविधाओं और निर्धारित स्वास्थ्य मानकों की जांच कराई जाए।

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अब यह भी जांच का विषय रहेगा कि सील किए गए तीनों क्लिनिकों में किस स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया और आगे उनके खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई होती है।

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