सहारनपुर में PNB करेंसी चेस्ट में ₹ 7.40 करोड़ के जाली नोट मिलने से हड़कंप, तीन मैनेजर निलंबित
राजसत्ता पोस्ट l असलम त्यागी
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट में करीब 7.40 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने का मामला सामने आने से बैंकिंग महकमे में हड़कंप मच गया है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है और डीआईजी अभिषेक सिंह ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है।
बताया गया है कि करेंसी चेस्ट में जाली नोटों की बड़ी खेप का खुलासा ऑडिट के बाद हुआ। इसके बाद बैंक की ओर से पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। प्रारंभिक जांच में करेंसी चेस्ट से जुड़े कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर बैंक प्रबंधन ने कार्रवाई करते हुए तीन मैनेजरों रवि कुमार कांसे, सुशील शर्मा और अमित कुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं पार्ट टाइम हाउस कीपर विशाल कुमार को भी काम से हटा दिया गया है।
CCTV फुटेज से खुलेंगे कई राज
पुलिस ने करेंसी चेस्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में फुटेज में हाउस कीपर विशाल कुमार के नोटों की गड्डियों से रुपये निकालते हुए दिखाई देने की बात सामने आई है। बताया गया है कि विशाल कुमार को करेंसी चेस्ट में नोटों की गड्डियां व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जाली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और इतनी बड़ी रकम के जाली नोट बैंकिंग सिस्टम में किस तरह शामिल हुए। जांच टीम नोटों के लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड, दस्तावेजों और कर्मचारियों की गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है।
हरियाणा और उत्तराखंड में दबिश
मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस द्वारा हरियाणा, उत्तराखंड और आसपास के जिलों में संभावित ठिकानों पर कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच का दायरा बढ़ने के साथ अन्य बैंक अधिकारी और प्रबंधक भी पुलिस की जांच के घेरे में आ सकते हैं।
अधिकारियों ने बैंक कर्मचारियों से पूछताछ के साथ-साथ करेंसी चेस्ट से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है।
सोफिया मार्केट करेंसी चेस्ट से लेन-देन बंद
जांच के चलते सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट से फिलहाल नकदी का लेन-देन बंद कर दिया गया है। बैंक अधिकारियों के मुताबिक जांच पूरी होने तक विभिन्न शाखाओं की नकदी जमा करने और जरूरत के अनुसार नकदी उपलब्ध कराने के लिए गंगोह स्थित करेंसी चेस्ट का इस्तेमाल किया जाएगा।
जाली नोट कहां छपे, इसकी भी जांच
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट कहां तैयार किए गए और वे करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे। एसआईटी इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। नोटों की जांच के साथ यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इनके पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
डीआईजी अभिषेक सिंह के अनुसार करेंसी चेस्ट से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं। जाली नोटों के स्रोत और उनके करेंसी चेस्ट तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। आने वाले दिनों में सीसीटीवी फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और पूछताछ के आधार पर इस मामले में और भी नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

