महाठगी का ‘दुबई कनेक्शन’: 100 करोड़ से अधिक के फ्रॉड नेटवर्क पर शिकंजा, चरथावल भी जांच के रडार पर

राजसत्ता पोस्ट |असलम त्यागी

उत्तर प्रदेश | मुज़फ्फरनगर | देशभर में फैले एक कथित हाईटेक ठगी नेटवर्क की जांच के दौरान जांच एजेंसियों का फोकस अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल क्षेत्र तक पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार, यह नेटवर्क कथित तौर पर दुबई से संचालित किया जा रहा था और इसके जरिए ऑनलाइन निवेश, फर्जी कॉल तथा अन्य डिजिटल माध्यमों से लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई।

जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए देशभर में 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की आशंका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न राज्यों में कई मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और अलग-अलग राज्यों की पुलिस, साइबर सेल तथा विशेष जांच एजेंसियां मिलकर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क में लविश उर्फ नवाब नाम का एक व्यक्ति जांच एजेंसियों के रडार पर है। दावा किया जा रहा है कि वह दुबई में बैठे कथित संचालकों के संपर्क में रहकर भारत में एजेंटों के माध्यम से पूरे नेटवर्क का संचालन करता था। जांच एजेंसियां उसके संपर्क में रहे लोगों और विभिन्न राज्यों में सक्रिय एजेंटों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।

बताया जा रहा है कि जांच की आंच अब मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र तक पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार, एजेंसियों को ऐसे इनपुट मिले हैं जिनके आधार पर क्षेत्र में कुछ लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। स्थानीय पुलिस और साइबर टीमें भी आवश्यक सूचनाएं एकत्र करने में लगी हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही कुछ नए मुकदमे दर्ज किए जा सकते हैं और जिन लोगों की संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की भी संभावना जताई जा रही है।

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आने का दावा किया जा रहा है कि ठगी के लिए लोगों को ऑनलाइन निवेश और अधिक मुनाफे का लालच दिया जाता था। कथित तौर पर भारत में मौजूद एजेंट बैंक खातों की व्यवस्था करते थे, जिनमें पीड़ितों से धनराशि जमा कराई जाती थी। इसके बाद रकम को विभिन्न माध्यमों से आगे स्थानांतरित किया जाता था। इन सभी पहलुओं की जांच एजेंसियां गहनता से पड़ताल कर रही हैं।

फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

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