कंपनी बाग का बंद रास्ता खोलने की मांग तेज, मोहल्ले के लोगों ने किया प्रदर्शन, जनहित में जल्द निर्णय लेने की उठाई मांग
अनुज त्यागी
मुजफ्फरनगर। थाना सिविल लाइन क्षेत्र स्थित सुमन विहार–जाट कॉलोनी से कमला नेहरू वाटिका (कंपनी बाग) तक जाने वाले लंबे समय से बंद पड़े मार्ग को दोबारा खोलने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती नजर आई। रविवार को बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, वरिष्ठजन, महिलाएं और युवा कंपनी बाग में एकत्र हुए और प्रशासन से बंद रास्ते को जनहित में शीघ्र खोलने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व पर्यावरण सेवा समिति के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सर्कुलर रोड से कंपनी बाग तक जाने वाला यह मार्ग वर्षों से स्थानीय लोगों के लिए सबसे सुविधाजनक रास्ता रहा है। इस मार्ग का सबसे अधिक उपयोग सुबह-शाम टहलने आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और स्वास्थ्य लाभ के लिए पार्क पहुंचने वाले नागरिक करते थे। उनके अनुसार यह मांग केवल पैदल आवागमन के लिए रास्ता खोले जाने की है, ताकि आम लोगों को अनावश्यक लंबा चक्कर न लगाना पड़े।
जितेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2013 में हुए दंगों के दौरान सुरक्षा कारणों से इस मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। उनका कहना है कि परिस्थितियां सामान्य हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन आज तक यह रास्ता नहीं खोला गया। इसके चलते आसपास के लोगों को प्रतिदिन अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे विशेष रूप से बुजुर्गों और महिलाओं को कठिनाई होती है।

बंद किया गया रास्ता
प्रदर्शनकारियों ने सुझाव दिया कि इस स्थान पर लगभग चार फीट चौड़ा गेट लगाया जाए, जिसे सुबह और शाम निर्धारित समय के लिए पैदल यात्रियों के आवागमन हेतु खोला जाए तथा रात्रि में सुरक्षा की दृष्टि से बंद रखा जाए। उनका कहना है कि इससे जनसुविधा भी बनी रहेगी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।
जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि मोहल्ले के लगभग 95 प्रतिशत लोग इस सार्वजनिक मार्ग को खोले जाने के पक्ष में हैं, जबकि केवल दो-तीन परिवार इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के कारण इस जनहित के मुद्दे को अनावश्यक रूप से विवादित बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका यह भी कहना था कि कंपनी बाग में आने-जाने के अन्य कई रास्ते पहले से मौजूद हैं, इसलिए इस मार्ग को खोले जाने से सुरक्षा संबंधी कोई समस्या उत्पन्न नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया जा चुका है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस मांग को क्षेत्र के दोनों सांसदों तथा एक मंत्री की भी संस्तुति प्राप्त है। जिलाधिकारी के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके का निरीक्षण किया था। स्थानीय लोगों के अनुसार निरीक्षण के दौरान मार्ग पर अवैध अतिक्रमण मिलने के बाद प्रशासन ने कुछ अवैध निर्माण और पशु बांधने के स्थान को हटवा दिया था, लेकिन मुख्य गेट अब तक नहीं खोला गया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अधिकांश नागरिकों की सहमति के बावजूद कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में अंतिम निर्णय लंबित है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वे पहले भी दो-तीन बार प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रख चुके हैं और कई बार ज्ञापन भी सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही बंद रास्ते को नहीं खोला गया तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
इस दौरान बड़ी संख्या में मोहल्ले के लोगों की मौजूदगी रही। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कर जनहित को सर्वोपरि रखते हुए शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।

