पूर्व आईपीएस अधिकारी दावा शेरपा का जम्मू में निधन, पुलिस महकमे में शोक की लहर, मुज़फ्फरनगर में भी रहे थे एसएसपी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ एवं चर्चित पूर्व आईपीएस अधिकारी दावा शेरपा का सोमवार सुबह जम्मू में निधन हो गया। वह 64 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्होंने जम्मू में अंतिम सांस ली, जहां वह अपने पुत्र मिन्गा शेरपा के पास रह रहे थे। मिन्गा शेरपा वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में डिप्टी कमिश्नर (डीसी) के पद पर तैनात हैं।

दावा शेरपा के निधन की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में शोक की लहर दौड़ गई। अपने शांत स्वभाव, ईमानदार कार्यशैली और व्यवहार कुशलता के कारण वह पुलिस विभाग में बेहद सम्मानित अधिकारी माने जाते थे। सेवा काल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिलों में अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया और आम जनता के बीच भी अपनी अलग पहचान बनाई।

मूल रूप से दार्जिलिंग के निवासी दावा शेरपा वर्ष 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। अपने लंबे पुलिस सेवा काल में उन्होंने आजमगढ़, सोनभद्र, भदोही, सुल्तानपुर, सीतापुर, कुशीनगर और मुज़फ्फरनगर सहित कई महत्वपूर्ण जनपदों में पुलिस कप्तान (एसपी/एसएसपी) के रूप में कार्य किया। वर्ष 2004 में वह मुज़फ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भी रहे। उनके कार्यकाल को आज भी पुलिस विभाग और आम नागरिकों द्वारा याद किया जाता है।

दावा शेरपा ने कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ जनता और पुलिस के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने का भी कार्य किया। उनकी कार्यशैली का सबसे बड़ा गुण यह था कि वह हर वर्ग के लोगों से सहजता और सम्मान के साथ मिलते थे, जिसके कारण उन्हें एक जनप्रिय पुलिस अधिकारी के रूप में जाना जाता था।

उत्तर प्रदेश पुलिस में लंबे समय तक सेवा देने के बाद वह वर्ष 2022 में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के समय वह लखनऊ में एडीजी सीबीसीआईडी जैसे महत्वपूर्ण पद पर तैनात थे।

दावा शेरपा का प्रशासनिक जीवन कई मायनों में विशेष रहा। वर्ष 2008 में उन्होंने सीतापुर में पीएसी कमांडेंट रहते हुए सेवा से अलग होने का निर्णय लिया और अपने गृह क्षेत्र सिक्किम लौट गए। वहां उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। इस दौरान वह प्रदेश सचिव के पद पर भी रहे और दार्जिलिंग क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।

हालांकि कुछ वर्षों बाद उन्होंने पुनः पुलिस सेवा में वापसी की। वर्ष 2012 में उन्हें ससम्मान उत्तर प्रदेश पुलिस सेवा में बहाल किया गया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया और अपनी दक्षता के बल पर जनवरी 2016 में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) के पद पर पदोन्नत हुए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहले कार्यकाल के दौरान फरवरी 2018 में उन्हें गोरखपुर जोन का एडीजी नियुक्त किया गया। गोरखपुर जोन में उन्होंने अपराध नियंत्रण और पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए, जिसकी व्यापक सराहना हुई।

दावा शेरपा के निधन पर उत्तर प्रदेश पुलिस के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा उनके शुभचिंतकों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके निधन को पुलिस सेवा के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। उनकी सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा को हमेशा याद रखा जाएगा।

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