अयोध्या में STF का बड़ा एनकाउंटर: 2 लाख का इनामी दुर्दांत अपराधी भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू ढेर, दो STF जवान घायल

अनुज त्यागी

प्रयागराज/अयोध्या। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की प्रयागराज यूनिट ने रविवार देर रात अयोध्या में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू को मुठभेड़ में मार गिराया। भानु प्रताप पर हत्या, लूट, रंगदारी, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और डकैती समेत 40 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और प्रदेश की कई पुलिस इकाइयों के लिए चुनौती बना हुआ था।

जानकारी के अनुसार, एसटीएफ प्रयागराज यूनिट को भानु प्रताप सिंह की मौजूदगी की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने अयोध्या जिले के महाराजगंज थाना क्षेत्र स्थित अहमदपुर घाट तिराहे (एमी घाट) के पास घेराबंदी की। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने पुलिस टीम को देखकर फायरिंग शुरू कर दी।

एसटीएफ की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस और एसटीएफ की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ प्रयागराज यूनिट के प्रभारी निरीक्षक जेपी राय और उनके एक हमराही जवान भी गोली लगने से घायल हो गए। घटना के बाद तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार रविवार रात करीब 11 बजे एसटीएफ के निरीक्षक जेपी राय ने महाराजगंज थाना पुलिस को मुठभेड़ की सूचना देते हुए सहायता मांगी थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और संयुक्त रूप से अभियान चलाया गया।

गंभीर रूप से घायल भानु प्रताप सिंह को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई, लेकिन तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध न होने पर एसटीएफ टीम स्वयं उसे अस्पताल लेकर पहुंची। प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज दर्शननगर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू गोरखपुर जनपद के बेलघाट थाना क्षेत्र स्थित बिखनीपुर (विखानपुर) गांव का निवासी था। उसके खिलाफ प्रदेश के विभिन्न जनपदों में हत्या, लूट, रंगदारी, डकैती और अन्य संगीन धाराओं में लगभग 40 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। पुलिस उसे एक हार्डकोर अपराधी मानती थी और उसकी लंबे समय से तलाश की जा रही थी।

भानु प्रताप सिंह पर अलग-अलग स्तरों पर इनाम घोषित था। एडीजी वाराणसी जोन पियूष मोर्डिया ने उस पर एक लाख रुपये, डीआईजी अयोध्या सोमेन बर्मा ने 50 हजार रुपये तथा अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके अलावा अन्य जिलों में भी उसके खिलाफ इनामी घोषणाएं की गई थीं, जिसके चलते उस पर कुल इनाम की राशि लगभग दो लाख रुपये तक पहुंच गई थी।

प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने भी इस कार्रवाई की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भानु प्रताप सिंह लंबे समय से संगठित अपराध में सक्रिय था और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई जिलों की पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी।

एसटीएफ की इस कार्रवाई को प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। वहीं फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।#AnujTyagiPost #RajsattaPost #Ayodhya

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *