कंपनी बाग नेहरू वाटिका के पास सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण का आरोप, पर्यावरण सेवा समिति ने DM-SSP से कार्रवाई की मांग
राजासत्ता पोस्ट | असलम त्यागी
मुजफ्फरनगर शहर में कंपनी बाग स्थित नेहरू वाटिका के समीप सार्वजनिक रास्ते पर कथित अतिक्रमण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पर्यावरण सेवा समिति ने इस संबंध में जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को अलग-अलग शिकायत पत्र भेजकर रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
समिति द्वारा भेजे गए पत्रों के अनुसार कंपनी बाग नेहरू वाटिका के पास सुमन विहार की ओर जाने वाला एक मुख्य सार्वजनिक मार्ग कोरोना काल के दौरान कुछ स्थानीय लोगों द्वारा बंद कर दिया गया। आरोप है कि उक्त लोगों ने रास्ते पर अवैध रूप से पक्का निर्माण कर कब्जा कर लिया और अब उस स्थान का उपयोग निजी कार्यों में किया जा रहा है।
शिकायत में कहा गया है कि कब्जाई गई जगह पर पशु बांधे जा रहे हैं तथा वाहनों की पार्किंग की जा रही है, जिससे आम लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। समिति का कहना है कि यह रास्ता वर्षों से क्षेत्रवासियों के उपयोग में रहा है और इसके बंद होने से स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पर्यावरण सेवा समिति ने आरोप लगाया कि जब मोहल्लेवासियों ने रास्ता पुनः खुलवाने की मांग की तो संबंधित लोगों द्वारा उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकियां दी गईं। समिति ने दावा किया कि उनके पास पूरे घटनाक्रम से जुड़े ऑडियो और वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन को सौंपा जाएगा।
समिति द्वारा जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में मोहल्लेवासियों के समर्थन पत्र, कथित सबूतों तथा जनप्रतिनिधियों के समर्थन पत्रों का भी उल्लेख किया गया है। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजे गए पत्र में मामले की गंभीरता बताते हुए सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
समिति ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक रास्ते को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। फिलहाल मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और स्थानीय लोग प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

