मुरादाबाद पहुंचे ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉक्टर अब्दुल मजीद हकीम इलाही

संवाददाता |जतिन चौधरी 📞 6396522436
उत्तर प्रदेश | मुरादाबाद जनपद में ईरान के सुप्रीम लीडर मरहूम आयतुल्लाह सैयद अली हुसैनी ख़ामनइ की शहादत को याद करते हुए श्रद्धांजलि पैश करने के उद्देश्य से एक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें हिंदुस्तान में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉक्टर अब्दुल मजीद हकीम इलाही शामिल हुए।
मुरादाबाद जनपद के थाना मझोला स्थित आज़ाद नगर में बैतूस सलात इमामबाड़े में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में शिया और सुन्नी दोनों समुदाय के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर पहुंचे डॉक्टर अब्दुल मजीद हकीम इलाही का भव्य स्वागत किया गया, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शहीदों को याद करना और उनको ईसाले सवाब पेश करना था, विशेष कर ईरान के सुप्रीम सुप्रीम लीडर सैयद अयातुल्लाह अली खामनई की शहादत को याद किया गया और उनको श्रद्धांजलि पेश की गई।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने शिया सुन्नी एकजुटता पर ज़ोर देते हुए कहा कि आज वक्त की जरूरत है कि शिया और सुन्नी आपस के मतभेदों को भुलाकर एकजुट हो जाएं।
विशेष अतिथि डॉक्टर अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने मीटिंग का उद्देश्य बताते हुए कहा कि वह यहां सभी भारतीयों को सच्चाई का साथ देने के लिए धन्यवाद देते हैं उन्होंने कहा कि भारत के लोग न्याय का सम्मान करने वाले हैं इसराइल के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसराइल भरोसा करने लायक नहीं है, उसका स्वभाव है कि वह जो कहता है वह करता नहीं है परंतु अगर अमेरिका चाहेगा तो शांति संभव है अन्यथा हमें उसे पर भरोसा नहीं है। ईरान इसराइल सीज़फायर पर उन्होंने कहा कि अब आगे होने वाली बातचीत पर निर्भर है कि सीज़फायर की कोशिश कामयाब रहेगी या नहीं।
उन्होंने कहा कि ईरान ने जंग शुरू नहीं की ईरान कभी जंग नहीं चाहता बल्कि शांति और इंसाफ चाहता है, उन्होंने कहा जंग के कारण विशेष तौर पर स्ट्रेट आफ हॉरमूज़ में तेल और गैस की कीमतें बढ़ने से लोगों की परेशानियां बढ़ेंगी इसलिए ईरान कभी जंग नहीं चाहता हम जंग के कारण लोगों को परेशानी में नहीं डालना चाहते। उन्होंने कहा हमें उम्मीद है कि दुनिया की लीडरशिप एक साथ आगे आकर इस जंग को आगे बढ़ने से रोकेंगे 
इंडिया में ईरान के चैरिटी अकाउंट डीएक्टिवेट होने के सवाल पर उन्होंने कहा ईरान में कोई समस्या नहीं है हमने किसी से भी दान देने के लिए नहीं कहा लेकिन कुछ लोग गरीबों की मदद करना चाहते थे उन्होंने कहा ईरान में दवाइयां की जरूरत है क्योंकि वहां बहुत से अस्पताल को नुकसान पहुंचाया गया है।

