चरथावल क्षेत्र में नहर टूटने से 300 बीघा फसल जलमग्न, किसानों में भारी आक्रोश, विधायक पंकज मलिक ने लिया संज्ञान
असलम त्यागी | चरथावल
मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल क्षेत्र के दहचंद झाल के पास स्थित चरथावल-घिस्सुखेड़ा नहर में शुक्रवार तड़के करीब 3 से 4 बजे के बीच अचानक दरार आ गई। नहर से तेज पानी का रिसाव होने के कारण आसपास के खेतों में व्यापक जलभराव हो गया, जिससे लगभग 200 से 300 बीघा गेहूं की खड़ी फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई। इसके अलावा गन्ना और अन्य फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि नहर लंबे समय से जर्जर स्थिति में थी और इसकी मरम्मत को लेकर कई बार सिंचाई विभाग से शिकायत की गई थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने आरोप लगाया कि विभागीय लापरवाही के कारण यह बड़ा हादसा हुआ, जिससे उनकी सालभर की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो गई।
घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे विभागीय कर्मचारियों को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। इस दौरान किसानों ने हंगामा करते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
चरथावल विधायक पंकज मलिक ने मामले का संज्ञान लेते हुए सिंचाई विभाग, एसडीएम सदर और अन्य अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और राहत व मरम्मत कार्य शुरू कराया गया।
विधायक ने प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को नुकसान का शीघ्र आकलन करने तथा किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
एसडीएम सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी के निर्देश पर राजस्व एवं सिंचाई विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और नहर की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया। पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त श्रमिक भी लगाए गए हैं।
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों ने नहर की स्थायी मरम्मत और नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


