‘घूसखोर पंडित’ मूवी के बाद अब यूपी SI परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द पर विवाद, सियासत तेज
अनुज त्यागी
मुज़फ्फरनगर। ‘घूसखोर पंडित’ फिल्म को लेकर पहले से चल रहे विवाद के बीच अब यूपी एसआई परीक्षा का प्रश्नपत्र भी विवादों में आ गया है। आज आयोजित परीक्षा की प्रथम पाली में पूछे गए एक प्रश्न के विकल्पों में “पंडित” शब्द को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई जा रही है। प्रश्नपत्र सामने आने के बाद इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है।
प्रश्नपत्र में आए इस सवाल को लेकर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नाराजगी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है। वहीं विपक्ष ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने इस मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार की मानसिकता कभी धर्म तो कभी जाति के नाम पर लोगों को लड़ाने वाली दिखाई देती है और शायद अधिकारियों ने भी उसी सोच के तहत ऐसा प्रश्न शामिल कर दिया। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान संविधान के अनुसार चलता है, जहां हर नागरिक को बराबरी का अधिकार दिया गया है।
हरेंद्र मलिक ने कहा कि पंडित को अवसरवादी की श्रेणी में रखना सभी सनातनियों और पढ़े-लिखे लोगों का अपमान है। उन्होंने कहा कि पंडित की जरूरत जन्म से लेकर मृत्यु तक हर संस्कार में पड़ती है। पंडित शब्द ब्राह्मण के साथ-साथ विद्वान और ज्ञानी व्यक्ति के लिए भी प्रयोग किया जाता है। ऐसे में इस तरह का प्रश्न रखना निंदनीय है और इससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि जिस भी अधिकारी ने यह प्रश्न तैयार किया है, उसे चिन्हित कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। यदि यह सरकार की जानकारी के बिना हुआ है तो संबंधित अधिकारी को दंडित किया जाए और अगर जिम्मेदार लोग इसमें शामिल हैं तो उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी जाति का अपमान करना न तो संवैधानिक है और न ही किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इसकी अनुमति दी जानी चाहिए।
सपा सांसद ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि समाज में सद्भाव बना रहे और ऐसे मामलों में तुरंत जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए।
बाइट: हरेंद्र मलिक, सपा सांसद
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