तीन महीने से लापता बेटी, इंसाफ के लिए भटक रहा गरीब परिवार, पंचायत पर सौदेबाजी के आरोप
असलम त्यागी |चरथावल
मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल क्षेत्र में एक गरीब परिवार की बेटी पिछले तीन महीनों से लापता है, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है। बेटी की तलाश में दर-दर भटक रहे माता-पिता ने अब गांव के कुछ दबंगों और रसूखदार लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित मां का कहना है कि उनकी बेटी के मामले में न्याय दिलाने के बजाय पंचायत के नाम पर लीपापोती की जा रही है।
पीड़ित परिवार ने भारतीय किसान यूनियन के एक नेता पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। मां का कहना है कि भाकियू नेता ने 10 दिनों के भीतर लड़की को बरामद कराने का भरोसा दिया था, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई। अब वे परिवार की बात तक सुनने को भी तैयार नहीं हैं।
परिवार का कहना है कि समय बीतने के साथ उनकी चिंता और बढ़ती जा रही है और उन्हें डर सता रहा है कि उनकी बेटी सुरक्षित भी है या नहीं।
मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि गांव में इस मुद्दे पर तीन बार पंचायत बुलाई गई। आरोप है कि पंचायत के नाम पर केवल समय बर्बाद किया गया और अंदरखाने लड़की के बदले पैसों के लेनदेन की बात की गई। पीड़ित मां ने रोते हुए कहा, “क्या गरीब होने की वजह से हमारी बेटियों का सौदा कर दिया जाएगा? हमें पैसा नहीं, सिर्फ इंसाफ चाहिए।”
तीन महीने बीत जाने के बावजूद लड़की का कोई सुराग नहीं मिलने से पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। गांव में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही लड़की की बरामदगी नहीं हुई तो मामला बड़ा रूप ले सकता है।

