Ravikant Tyagi


शीतकाल के लिए बंद हुए बाबा केदारनाथ धाम के कपाट, भक्तों के जयकारों के बीच ऊखीमठ के लिए रवाना हुई बाबा की डोली

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद स्थित केदारनाथ धाम के कपाट आज दिनांक 23 अक्टूबर 2025 (गुरुवार) की प्रातः 8:20 बजे वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और पारंपरिक विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए विधिवत बंद कर दिए गए।

कपाट बंद होने की प्रक्रिया तड़के सुबह 4 बजे से ही विशेष पूजा-अर्चना के साथ प्रारंभ हुई। इस दौरान पूरा धाम “हर-हर महादेव” और “जय केदार” के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। तीर्थ पुरोहितों ने धार्मिक परंपरा के अनुसार बाबा केदारनाथ की विशेष पूजा संपन्न की और डोली यात्रा की तैयारी की।

इस पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय कोंडे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीकेटीसी विजय थपलियाल, तीर्थ पुरोहितगण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा, “बाबा केदारनाथ धाम हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर है। हम सुनिश्चित करेंगे कि आगामी शीतकालीन यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालुओं को सुविधाजनक और सुरक्षित अनुभव मिले।”

जिलाधिकारी ने अपने संदेश में श्रद्धालुओं से अपील की कि वे यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें और धाम की पवित्रता को बनाए रखें। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि डोली यात्रा के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलें।

पुलिस अधीक्षक ने कहा, “धाम और डोली यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम हर कदम पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करेंगे ताकि भक्त शांति और श्रद्धा के साथ बाबा के दर्शन कर सकें।”

कपाट बंद होने के पश्चात बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली जयकारों के गूंजते स्वर के बीच केदारनाथ धाम से ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए रवाना हुई। डोली का प्रथम पड़ाव रामपुर में रहेगा, कल डोली गुप्तकाशी पहुंचेगी और 25 अक्टूबर को अपने गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी।

बाबा केदारनाथ की डोली प्रस्थान के समय पूरा परिसर श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं से भर उठा। भक्तों ने पुष्प वर्षा कर बाबा के जयकारे लगाए और अगले यात्रा सत्र में पुनः दर्शन की कामना की।

हर वर्ष की भाँति इस बार भी कपाट बंद होने की यह दिव्य प्रक्रिया हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। अब बाबा केदारनाथ की पूजा ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में आगामी छह महीनों तक की जाएगी।


 

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