गोपेश्वर । चलती बस में चालक को मिर्गी का दौरा पड़ने से यात्रियों की जान संकट में आ गई। हालांकि, चालक ने समय रहते वाहन को बीच सड़क पर रोक दिया था।
पुलिस ने इस मामले में बस को सीज कर वाहन स्वामी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। चालक का लाइसेंस भी निरस्त करने के लिए परिवहन विभाग को लिखा गया है। ऋषिकेश से बदरीनाथ आ रही विश्वनाथ सेवा की इस बस में महाराष्ट्र, कोलकाता, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों के 30 तीर्थयात्री सवार थे।
बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं को लेकर आ रही एक बस देवदर्शनी बैरियर और लार्ड्स पैलेस के बीच सड़क के बीचों-बीच अचानक रोक दी। बस के अचानक रुकने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, जिसमें कुछ यात्री मामूली रूप से घायल हो गए।
सूचना पर कोतवाली बदरीनाथ के थानाध्यक्ष नवनीत भंडारी तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों और चालक को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा। वाहन से उतरने के दौरान अचानक वाहन पीछे आने से अंकित प्रसाद, विकास कुमार यादव, ईशा लार्ड, और अभिजीत शर्मा को हल्की चोटें आई हैं।
पुलिस ने बस चालक से पूछताछ की तो उसने बताया कि वाहन में कुल 30 यात्री सवार थे और बस खराब हो गई थी। जब पुलिस ने बस के अचानक खराब होने के कारणों की जांच की तो गंभीर मामला सामने आया। जांच के दौरान पुलिस ने चालक के स्वास्थ्य संबंधी इतिहास की जानकारी प्राप्त की। पूछताछ में सामने आया कि बस का चालक लंबे समय से मिर्गी जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित था। घटना की रात को वाहन चलाते समय चालक को अचानक मिर्गी का दौरा पड़ा, जिसके कारण उसने वाहन से नियंत्रण खो दिया और बस बीच सड़क पर रोक दी।
चालक की स्वास्थ्य समस्या के बावजूद उसे चारधाम यात्रा जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर बस चलाने की अनुमति देना वाहन स्वामी की घोर लापरवाही है, जिसने यात्रियों के जीवन को जोखिम में डाला। इस लापरवाही के सामने आने पर कोतवाली बदरीनाथ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस को सीज कर दिया। साथ ही, चालक के ड्राइविंग लाइसेंस को रद करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस वाहन स्वामी के खिलाफ भी वैधानिक और कठोर कार्रवाई कर रही है, ताकि ऐसी लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।

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