बस्ती। मुंडेरवा थानाक्षेत्र के पिपरा गांव के निकट 15 मई को झाड़ी में मिले 22 वर्षीय अजय राजभर की मृत्यु की गुत्थी पुलिस सप्ताह भर बाद भी नहीं सुलझा सकी है। कुछ लोगों को उठाने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है। परिजनों ने पुलिस पर जानबूझकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
यह है पूरा मामला
कलवारी थाना क्षेत्र के राजा टेंगरिहा राजा गांव निवासी अजय राजभर मित्र की शादी में जाने के लिए घर से 11 मई को निकले थे। उनका चार दिन बाद मुंडेरवा थानाक्षेत्र के पिपरा गांव के पास शव मिला था। शादी से घर वापस न लौटने पर घर वालों ने तलाश करना शुरू किया, लेकिन अजय का कहीं कोई पता नहीं चल सका।
पिता दीनानाथ राजभर ने दो दिन बाद 14 मई को लालगंज थाना में गुमशुदगी का मुकदमा पंजीकृत करवाया था।
पिता दीनानाथ राजभर ने दो दिन बाद 14 मई को लालगंज थाना में गुमशुदगी का मुकदमा पंजीकृत करवाया था।
एसओ के मुताबिक, शरीर पर चोट के निशान पाए गए थे। इसके बाद भी पुलिस यह तय नहीं कर पाई कि अजय की मृत्यु किसी हादसे में हुई या उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस की विवेचना पर सवाल उठने लगे है।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने व लोगों बुलाकर पूछताछ के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने व लोगों बुलाकर पूछताछ के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
मुडेरवा पुलिस से इस मामले में अब तक की जांच में हुई प्रगति की रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द से जल्द इस घटना का पर्दाफाश करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है।
-स्वर्णिमा सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी रुधौली

