मुंडेरा बाजार (गोरखपुर)। चौरी चौरा के शिवपुर चकदहा में 29 मार्च की रात सोते समय पूनम व बेटी अनुष्का के हत्यारोपितों की तलाश जारी है। एक मात्र चश्मदीद गवाह खुशबू और बंगलुरू से आए बेटे विशाल समेत दर्जन भर से अधिक लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
घटना के बाद खुशबू ने पुलिस को बताया था कि उसने कमरे के झरोखे से हत्यारोपितों का पैर देखा था। लेकिन अब वह अपने उस बयान से पलट गई है। पुलिस को उसने बताया है कि वह झूठ बोली थी। उधर, पुलिस ने पूनम के बरामद मोबाइल फोन का सीडीआर निकलवा लिया है।
ढाई सौ पन्ने के सीडीआर रिपोर्ट के अंतिम छह पन्नों में दोहरे हत्याकांड का राज छिपा है। पुलिस उसकी गहनता से जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि उस मोबाइल फोन से किससे-किससे बात हुई है और वह कहां का रहने वाला है। इन सबके बीच पुलिस को यह भी पता चला है कि पूनम इंटरनेट मीडिया का अच्छे तरीके से इस्तेमाल करती थी। वह इंस्टाग्राम से लेकर अन्य सभी एप चलाती थी।
इसके अलावा घटना के बाद इंटरनेट मीडिया प्रसारित खुशबू के बयान वाले वीडियो को भी पुलिस खंगाल रही है। कुछ वीडियो में उसने एक जैसा तो कुछ में अलग-अलग तरह के बयान दिए है। इसके आधार पर पुलिस उससे पूछताछ भी कर रही है।
इसी पूछताछ के क्रम में उसने बताया कि घटना के बाद झरोखे से पैर देखने वाली बात झूठ बोली थी। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में खुशबू ने और भी कई राज बताएं है। पुष्टि होने के बाद ही वह पर्दाफाश करेगी। हालांकि मां और बहन की मौत के बाद गुमसुम बेटा विशाल ने पुलिस की पूछताछ में बहुत कुछ नहीं बताया है। अब पुलिस की नजर खुशबू पर ही टीकी है।

संजय व पूनम के विवाद का कौन उठाना चाहता फायदा

कोटेदार सरजू का बेटा संजय व पूनम में 12 वर्ष से गहरी दोस्ती थी। पति की मौत के बाद संजय भी हर सुख दुख में पूनम के साथ खड़ा होता। वहीं पूनम भी महिलाओं के साथ कोटेदार के पक्ष में खड़ी रहती। इसके बाद भी मां की मौत के बाद खुशबू ने संजय समेत उसके घर वालों को मुख्य आरोपित बनाते हुए तहरीर दी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भी तत्काल केस दर्ज करते हुए सिर्फ संजय को गिरफ्तार कर जेल भेजा। लेकिन अब यह सवाल उठने लगा है कि पूनम व संजय के विवाद में तीसरा कौन है जो फायदा उठाना चाहता है।
खुशबू किसके कहने पर तहरीर देते हुए कोटेदार परिवार को आरोपित बनाई और बार-बार बयान बदल रही है। अब पुलिस उस तीसरे व्यक्ति की तलाश में है। इसे लेकर एसपी नार्थ जितेन्द्र श्रीवास्तव, प्रशिक्षु आईपीएस आशना चौधरी, सीओ अनुराग सिंह व क्राइम ब्रांच की टीम ने घंटो खुशबू व अन्य से पूछताछ की है।

भाई और बहन में नहीं होती थी बात

पुलिस ने खुशबू के मोबाइल फोन की भी जांच की है। जिसमें पता चला है कि उसके मोबाइल फोन में इकलौते भाई विशाल का नंबर नहीं है, छह महीने से भी अधिक समय के अंदर दोनों के बीच में कोई बातचीत नहीं हुई। इसे लेकर भी पुलिस ने खुशबू से पूछताछ की तो उसने बताया कि भाई का नंबर नहीं होने से वह बात नहीं कर सकी। इसके अलावा घटना के बाद भी उसने भाई को फोन नहीं किया और न ही मां व बहन की मृत्यु के बारे में बताया।

हां उसके मोबाइल फोन से एक साक्ष्य जरूर पुलिस को मिले है कि घटना के पहले और बाद में उसने एक नंबर पर फोन किया है। हालांकि पूछने पर खुशबू का जवाब रहा कि हत्या के बाद वह इतना घबड़ा गई कि पुलिस और भाई को फोन न करते हुए जो नंबर सबसे ऊपर था उसी पर फोन कर घटना की जानकारी दी।

बेटे के दोस्त व चर्चित युवक से हुई पूछताछ

पुलिस ने विशाल के दोस्त व गांव के एक चर्चित युवक से गहनता से पूछताछ की है। पुलिस की नजर में दोहरे हत्याकांड के बाद से ये दोनों भी खुशबू के साथ सबसे अधिक सक्रिय है। ये दोनों भी कोटेदार व उसके बेटों को आरोपित बताकर जेल भेजने की मांग कर रहे थे।
पुलिस को आशंका है कि युवक के इशारे पर ही खुशबू बोल रही और पुलिस को भ्रमित कर रही है। हालांकि एसपी नार्थ ने बताया कि मामले की अभी जांच चल रही है। आशंका के आधार पर लोगों से पूछताछ चल रही है।

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