सड़क पर नमाज पढ़ने पर होगी एफआईआर
ईद-उल-फितर की नमाज सड़क पर अदा करने वालों के खिलाफ इसबार पुलिस ने कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया है। एफआईआर के साथ-साथ आरोपितों के पासपोर्ट निरस्तीकरण की रिपोर्ट भी दी जाएगी। ताकि वह मक्का मदीना की यात्रा न कर सकें। इसलिए सभी को स्पष्ट कर दिया कि ईदगाह के सामने सड़क पर नमाज अदा न करें। आसपास की मस्जिदों में नमाज अदा की जाए। गतवर्ष दर्ज मुकदमों में आरोपितों के पासपोर्ट निरस्तीकरण की रिपोर्ट भी पुलिस तैयार कर रही है। बता दें कि गतवर्ष सड़क पर नमाज अदा करने के बाद काफी लोग विदेश में नौकरी करने चले गए थे। कुछ लोग उमरा करने निकल गए थे।
एसपी सिटी ने कहा, कॉलेज में पहुंचे नमाजी
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने कहा कि ईद-उल-फितर की नमाज सड़क पर अदा नहीं होने दी जाएगी। उसके लिए ईदगाह स्थल पर पीएसी और आरएएफ को लगाया गया है। इस बार भी ईदगाह के अलावा फैज-ए-आम इंटर कालेज में भी नमाज अदा कराई जाएगी। सभी मुस्लिमों ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने अपील की। उनका कहना है कि ईदगाह के अलावा लोग अपने आसपास की मस्जिदों में नमाज अदा कर सकते है। साथ ही फैज-ए-आम इंटर कालेज में भी नमाज अदा होगी। वहां भी पहुंचकर लोग नमाज अदा कर सकते है।
रोजा इफ्तार में हुआ शहर काजी डा. सालिककीन का स्वागत
मेरठ शहर काजी के पद को लेकर विवाद शांत होने के बाद समाज के जिम्मेदारों ने इस पहल का स्वागत किया है। मंगलवार को बनी सराय स्थित पूर्व मंत्री दिवंगत मैराजुद्दीन के आवास पर शहर काजी डा. सालिककीन का स्वागत हुआ। बदर महमूद और फैज महमूद ने कहा कि समाज में सौहार्द कायम रहना जरूरी है। बताया कि दोनों पक्षों के बीच हुई वार्ता में परिवार के सदस्यों का योगदान है। इफ्तार का आयोजन हुआ।
नायब शहर काजी जैनुर राशिदीन, युसुफ कुरैशी, नबील सिराज, आदिल चौधरी, अख्तर कुरैशी, इसरार सैफी मौजूद रहे। अली मिशन सोसायटी के अली हैदर रिजवी ने कहा कि कौम के हित में विवाद सुलझना जरूरी था। दोनो पक्षों ने सकारात्मक सोच का परिचय दिया है।

