इसी तरह, इंडिगो की एक और दिल्ली फ्लाइट लगभग एक घंटे की देरी से पहुंची और 6:07 बजे रवाना हुई। इसके अलावा, इंडिगो की कोलकाता और बेंगलुरु से आने वाली फ्लाइटें भी 30 मिनट की देरी से पहुंचीं, जिससे उनकी प्रस्थान उड़ानें भी देर से हुईं। एयरपोर्ट निदेशक आरके पाराशर ने बताया कि स्पाइस जेट के अधिकारियों को पत्र भेजकर इस समस्या को जल्द से जल्द हल करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में यात्रियों को इस तरह की परेशानी न हो।
300 की क्षमता, परिसर में थे 500 से अधिक यात्री
गोरखपुर एयरपोर्ट का टर्मिनल 300 यात्रियों के बैठने की क्षमता रखता है, लेकिन उड़ानों में देरी के कारण टर्मिनल में 500 से अधिक यात्री एकत्र हो गए। इससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भीड़ के कारण न केवल बैठने की जगह कम पड़ गई, बल्कि भोजन और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी यात्रियों के लिए नाकाफी साबित हुईं।
यात्रियों को झेलनी पड़ी असुविधाएं
फ्लाइट लेट होने से यात्री काफी परेशान दिखे। कुछ लोग जो ट्रांजिट में थे, उन्हें अपनी अगली फ्लाइट पकड़ने की चिंता सता रही थी, जबकि कई यात्री अपने तय कार्यक्रम में देरी होने से नाराज थे।एक यात्री ने नाराजगी जताते हुए कहा, हमने समय पर एयरपोर्ट पहुंचकर चेक-इन कर लिया था, लेकिन फ्लाइट लगातार लेट होती रही। कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई कि हमें कितनी देर इंतजार करना होगा। यह बहुत ही असुविधाजनक स्थिति थी।

