आगरा। मोक्षधाम। इस स्थान पर शांति की अपेक्षा की जाती है। गमगीन लोग दुख की घड़ी में किसी तरह का शोरगुल या हंसी-ठहाके सुनना पसंद नहीं करते। जबकि ताजगंज मोक्षधाम का माहौल उलट है। दिन में ही जाम छलकते हैं। फूहड़ चुहलबाजियों के साथ गाली-गलौज भरे संवाद होते हैं।
दरअसल यहां पुलिस की रोक-टोक न होने से शराबियों का जमघट लगा रहता है। भैरव मंदिर पर प्रसाद चढ़ाने के बाद सेवन शुरू होता है और इन्हें नमकीन, पानी और गिलास जैसे सामान की सप्लाई को खोखे और ठेलें सजी रहती हैं।
अंतिम संस्कार में शामिल होने आए लोग यदि विरोध करें तो महफिल सजाए बैठे लोग और दुकानदार झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। ताजगंज मोक्षधाम में कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। एक व्यक्ति ने चबूतरे पर कमरा बना लिया है। आसपास के लोगों ने अतिक्रमण कर कई खोखे सजा लिए हैं। कुछ लोग यहां ठेल भी लगाते हैं।
अंतिम संस्कार में शामिल होने आए लोग यदि विरोध करें तो महफिल सजाए बैठे लोग और दुकानदार झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। ताजगंज मोक्षधाम में कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। एक व्यक्ति ने चबूतरे पर कमरा बना लिया है। आसपास के लोगों ने अतिक्रमण कर कई खोखे सजा लिए हैं। कुछ लोग यहां ठेल भी लगाते हैं।
खोखे पर गिलास, पानी, पान मसाला, तंबाकू, सिगरेट आदि की बिक्री की जाती है। वहीं ठेल पर चाट व अन्य खाने-पीने का सामान बेचा जा रहा है। इन ठेल और खोखों के कारण यह स्थान शराबियों का अड्डा बन गया है। शराबियों को आसानी से जरूरी सामान मिल जाता है। सुबह से ही लोग खुलेआम शराब पीते हैं और फिर शोरगुल के साथ ही लड़ाई झगड़ा करते हैं। इससे यहां अंत्येष्टि के लिए आने वालों को परेशानी होती है। श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि रोकने पर ये झगड़ा करते हैं।

