जल्द हार्ट सर्जरी शुरू कराने के निर्देश
डीजीएमई किंजल सिंह ने कहा कि प्राचार्य डॉक्टर प्रशांत गुप्ता को हार्ट सर्जरी जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं, कार्यदायी संस्था से जल्द से जल्द मशीन उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। एसएस विंग में मरीजों को अत्याधुनिक सर्जरी की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कैथ लैब और आइसीयू का भी निरीक्षण किया। इसके साथ ही कैंसर मरीजों की अत्याधुनिक रेडियो थेरेपी के लिए बने लायनेक ब्लाक, महिला छात्रावास, निर्माणाधीन छात्रावास और लेडी लायल में इंटीग्रेटेड कैंपस के निर्माण को देखा।
गुर्दा प्रत्यारोपण क ेलिए बजट का प्रस्ताव भेजा
प्राचार्य डॉक्टर प्रशांत गुप्ता ने बताया कि एसएस विंग में नेफ्रोलाजिस्ट तैनात हैं, गुर्दा प्रत्यारोपण के लिए बजट का प्रस्ताव भेजा गया है। राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन से भी अनुमति ली जा रही है। न्यूरोलाजी विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर पीके माहेश्वरी की न्यूरोलाजिलक प्रैक्टिस पर लिखी गई पुस्तक का विमोचन किया। अधीक्षक डॉक्टर ब्रजेश शर्मा, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा. टीपी सिंह, रेडियो डायग्नोस्टिक विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर हरि सिंह, आइसीयू प्रभारी डॉक्टर अतिहर्ष मोहन, डॉक्टर सुशील सिंघल, डॉक्टर बसंत गुप्ता आदि मौजूद रहे।
किंजल सिंह ने कहा, मरीजों से अच्छा बर्ताव करें
एसएन मेडिकल कॉलेज में मॉड्यूलर आपरेशन थिएटर का शुभारंभ करने के बाद महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा किंजल सिंह ने डाक्टरों के साथ बैठक की, कहा कि एसएन की सुपरस्पेशियलिटी विंग में दी जा रहीं अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ मरीजों तक पहुंचे। इसके लिए डाक्टर अपना पूरा समय दें। प्राइवेट प्रैक्टिस ना करें। मरीजों से अच्छा बर्ताव करें। एसएन के एलटी फोर में डाक्टरों के साथ बैठक में डीजीएमई किंजल सिंह को कालेज के इतिहास और आने वाले समय में शुरू होने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने डाक्टरों से कहा कि कोर्ट के सख्त आदेश हैं, कोई भी डाक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस ना करे।
प्राइवेट प्रैक्टिस पर पूरी तरह है रोक
किंजल सिंह ने कहा, कि मरीजों से अच्छी तरह से बात करें, जिससे एसएस विंग की अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ मरीजों तक पहुंचे। उन्होंने महिला डाक्टरों द्वारा किए जा रहे कार्यों को सराहा, कहा कि महिला डाक्टर बेहतरीन कार्य कर रही हैं। कालेज की सुविधाओं की भी प्रशंसा की। प्राचार्य डॉक्टर प्रशांत गुप्ता ने बताया कि प्राइवेट प्रैक्टिस पर पूरी तरह से रोक है, शपथ पत्र भी लिया जाता है। डीजीएमई किंजल सिंह के निर्देश पर और सख्ती की जाएगी।
एसएन में 242 डाक्टर बेखौफ होकर कर रहे प्राइवेट प्रैक्टिस
एसएन में 242 डाक्टर हैं। इसमें से 126 स्थायी डाक्टर हैं, इनके प्राइवेट प्रैक्टिस करने पर पूरी तरह से रोक है। इसमें से कई डाक्टर एक दो घंटे के लिए ही एसएन में आते हैं। संविदा पर 116 डाक्टर तैनात हैं, इन्हें नान प्रैक्टिस भत्ता नहीं दिया जाता है। ये ड्यूटी खत्म होने के बाद प्राइवेट प्रैक्टिस कर सकते हैं। मगर, अधिकांश संविदा डाक्टर भी ओपीडी वाले दिन ही कालेज में ड्यूटी के समय पर रहते हैं। अन्य दिनों में प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं और एसएन में कार्यरत होने के बोर्ड भी लगा रखे हैं। कई हास्पिटलों में सर्जरी भी करते हैं।
प्रदेश का पहला ड्रग रेजिस्टेंट आइसीयू खुला, बचेगी जान
नई सर्जरी बिल्डिंग स्थित रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट एमडीआर टीबी के मरीजों के लिए पांच बेड के आइसीयू का डीजीएमई ने शुभारंभ किया। विभागाध्यक्ष डॉक्टर जीवी सिंह ने बताया कि यह प्रदेश का पहला आइसीयू है। एमडीआर टीबी के मरीजों का अलग वार्ड में इलाज किया जाता है। गंभीर मरीजों के लिए आइसीयू की सुविधा नहीं है। इससे गंभीर हालत में भर्ती होने वाले मरीजों की जान बच सकेगी।
यहां हेपा फिल्टर तकनीकी से 55 बेड का एंटी बैक्टीरियल वार्ड बनाया गया है। इसमें 10 बेड गंभीर मरीजों के लिए हैं। एयर हैंडलिंग यूनिट लगाई गई है। इसमें हर दो मिनट में हवा शुद्ध होगी और बैक्टीरिया और 0.5 माइक्रोन के वायरस भी अंदर नहीं आ सकेंगे

