देहरादून। समग्र शिक्षा के अंतर्गत लंबे समय से सीआरपी एवं बीआरपी की भर्ती पर विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाते हुए भर्ती प्रक्रिया में आ रही बाधा शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग से समन्वय कर प्रयाग पोर्टल में हो रही कठिनाइयों का समाधान कराएं। ‘दैनिक जागरण’ में शुक्रवार के अंक में प्रकाशित खबर ‘सात वर्षों से लटकी है बीआरपी-सीआरपी की तैनाती’ का विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने संज्ञान लिया है।
955 पदों पर होनी है भर्ती
बीआरपी और सीआरपी के 955 पदों पर पिछले कई वर्षों से नियुक्ति नहीं हो पा रही है। इससे केंद्रपोषित योजना समग्र शिक्षा के अंतर्गत सृजित इन पदों की प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यालयों में केंद्रपोषित योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका है।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री ने जताई नाराजगी
नियुक्तियां नहीं होने से वेतन मद में हर वर्ष मिलने वाली करोड़ों की राशि का उपयोग नहीं हो पा रहा है। विद्यालयी शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने नियुक्ति प्रक्रिया में हो रहे विलंब पर कड़ा रवैया अपनाते हुए लंबित प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। भर्ती प्रक्रिया को कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के प्रयाग पोर्टल के माध्यम से प्रारंभ की गई है, लेकिन इसमें कठिनाइयां आ रही हैं।
कैब‍िनेट में प्रस्‍तुत करेंगे प्रस्‍ताव
उन्होंने बताया कि प्रयाग पोर्टल की कठिनाइयों को दूर करने के लिए कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग संबंधित शासनादेश में आंशिक संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में प्रस्तुत करेगा। इससे पोर्टल के माध्यम से होने वाली सभी आउटसोर्स भर्ती में आ रही व्यावहारिक अड़चन दूर की जा सकेंगी।
मेरिट से चयन कर दी जाएंगी नियुक्तियां
उन्होंने बताया कि बीआरपी व सीआरपी के पदों पर नियुक्ति के लिए हजारों युवाओं ने आवेदन किया है। प्रयाग पोर्टल में बड़ी संख्या में पंजीकरण हो चुके हैं। पोर्टल की विसंगति दूर होते ही इन पदों पर आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से युवाओं का मेरिट के आधार पर चयन कर बीआरपी व सीआरपी के पदों पर नियुक्ति दी जाएंगी।
विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में होगी वृद्धि
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इसके लिए अन्य सभी तैयारियां पुख्ता रखने के निर्देश दिए हैं। डॉ. रावत ने कहा कि इन नियुक्तियों से विद्यालयों में अनुश्रवण कार्यों में तेजी आएगी। साथ ही बीआरपी-सीआरपी की जिम्मेदारी से सैकड़ों शिक्षकों को भी मुक्त किया जा सकेगा। इससे विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि होगी।
अटकी हैं चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की भर्ती
विभागीय मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि विद्यालयी शिक्षा विभाग में लगभग 2500 चतुर्थ श्रेणी के पद रिक्त हैं। जिनको प्रयाग पोर्टल के माध्यम से भरने की अनुमति राज्य मंत्रिमंडल से मिल चुकी है। लेकिन पोर्टल के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया में कठिनाइयां आ रही हैं। खामियां दूर होते ही विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती शुरू होगी।

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