कानपुर। शीतगृह में आलू भंडारण इस साल महंगा हो गया है। रखरखाव, अमोनिया गैस की कीमतें बढ़ने के कारण उत्तर प्रदेश कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन ने 20 रुपये प्रति क्विंटल भंडारण दर बढ़ाने के निर्णय पर मुहर लगा दी है। इससे अब जिले के 74 शीतगृह में सादा आलू 280 रुपये क्विंटल से बढ़कर 300 रुपये, शुगर फ्री व चिप्सोना आलू का भाड़ा 320 रुपये से बढ़कर 340 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगा।

नतीजा, किसानों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। किसानों की लागत महंगी होने से बाजार में आलू की दरें बढ़नी तय हैं, जिससे आम आदमी तक इस महंगाई का असर जाएगा।

लखनऊ में हुई बैठक

लखनऊ के एक होटल में बैठक में गुरुवार को एसोसिएशन पदाधिकारियों ने निर्णय लिया। इस बैठक में प्रदेश में सबसे अधिक आलू उत्पादन क्षेत्र के आगरा, अलीगढ़, कासगंज, मेरठ, मुजफ्फरनगर, इटावा, फर्रुखाबाद, बरेली, शाहजहांपुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, बाराबंकी, लखनऊ, प्रयागराज, बदायूं, पीलीभीत, कानपुर सहित अन्य जिलों के शीतगृह स्वामी शामिल हुए। अलीगढ़ कोल्ड स्टोरेज आनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गिर्राज गोदानी ने बताया है कि बैठक में खर्चों पर चर्चा की गई।

बैठक में शीत गृह में आलू भंडारण के खर्चों पर चर्चा हुई। बताया गया कि आलू किसानों के हित को देखते हुए पिछले दो वर्ष से आलू भंडारण का किराया नहीं बढ़ाया गया था। 2022 में दरें महंगी हुई थीं। अब फिर बिजली महंगी हुई है। केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों का डीए व वेतन वृद्धि का निर्णय लिया है।

कर्मियों के वेतन में किया जाएगा 30 से 35 प्रतिशत तक वृद्धि

शीतगृह स्वामियों को अपने कर्मियों की 30 से 35 प्रतिशत वेतन वृद्धि करनी होगी। मशीनरी के कलपुर्जे व अन्य मरम्मत के खर्चे बढ़े हैं। शीतगृह संचालकों ने कहा कि अमोनिया गैस 75 रुपये के स्थान पर 170 रुपये प्रति किलो हो गई है। रखरखाव खर्चे 15 से 20 प्रतिशत सालाना बढ़े हैं।

आलू भंडारण अवधि भी एक माह तक के लिए बढ़ी है, जिससे भार बढ़ा है। इसलिए आलू भंडारण की कीमतों में वृद्धि पर सहमति बन गई। जिले के वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक आदित्य के अनुसार, एसोसिएशन की बैठक में दरें बढ़ी हैं।

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