पिथौरागढ़। जनवरी माह का पहला सप्ताह बीत चुका है। लेकिन अभी तक स्कीइंग होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। पर्यटन कारोबार को नई ऊंचाईयां दे सकने वाले इस साहसिक खेल के लिए चयनित स्थलों में बर्फबारी कम होने से स्कीइंग को गति नहीं मिल पा रही है।
पिथौरागढ़ जिले में स्कीइंग की अपार संभावनाएं हैं। जिले का हिमालय से लगा अधिकांश क्षेत्र शीतकाल में बर्फ से ढका रहता है। डेढ़ दशक पूर्व जिले में स्कीइंग को बढ़ावा देने के लिए मुनस्यारी के बेटुलीधार और खलियाटाप में दो स्थल चयनित किए गए थे। इन स्थलों में होने वाली स्कीइंग के लिए लोग यहां पहुंच भी रहे थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इन दोनों स्थलों में उतनी बर्फबारी नहीं हो रही है, जितनी स्कीइंग के लिए जरूरी है।
साढ़े सात हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित स्‍कीइंग डेस्‍ट‍िनेशन
दोनों स्थल करीब साढ़े सात हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं। स्कीइंग करने वाले शेखर जोशी का कहना है कि दोनों स्थानों पर बर्फबारी जनवरी अंत या फरवरी माह में ही हो रही है। इस समय स्कूलों की छुट्टियां खत्म हो जाने से पर्यटकों का यहां आगमन कम हो जाता है। जनवरी माह में पर्यटकों की भीड़ रहती है, लेकिन बर्फबारी नहीं होने से स्कीइंग नहीं हो पा रही है।
शेखर जोशी का कहना है कि इसका हल निकल सकता है, इसके लिए अब अधिक ऊंचाई पर स्कीइंग स्थल चयनित क‍िए जाने चाह‍िए। जनवरी माह में ऊंचाई वाले स्थलों पर स्कीइंग कराई जाए और फरवरी माह में खलियाटाप और बेटुलीधार में स्कीइंग को बढ़ावा दिया जाए।
कुमाऊं मंडल विकास निगम तैयार
पिथौरागढ़: स्कीइंग के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। निगम के साहसिक पर्यटन प्रबंधक दिनेश गुरूरानी ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों से जनवरी माह के तीसरे सप्ताह में ही बेटुलीधार और खलियाटाप में स्कीइंग लायक बर्फ जमा हो पा रही है। इसे देखते हुए निगम ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। निगम युवाओं को स्कीइंग का प्रशिक्षण देगा। साथ ही पर्यटकों को स्कीइंग भी कराएगा।
नैनीताल झील की क्षतिग्रस्त दीवारों को दुरुस्त कराएं
हल्द्वानी। जिला प्रशासन ने नैनीताल, भीमताल, नौकुचियाताल व कमतताल झील की गंदगी को साफ करने और क्षतिग्रस्त दीवारों को दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की। साथ ही निर्देशित किया कि झीलों के सुंदरीकरण पर ध्यान दिया जाए। कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक में सिचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता की ओर से अवगत करवाया गया कि नैनीताल और भीमताल झील से सिल्ट निकालने के लिए आनलाइन निविदा आमंत्रित की है। यह अगले सप्ताह खुलेगी।
इसके बाद डीपीआर तैयार की जाएगी। डीएम ने कहा कि इसके साथ ही नैनीझील के चारों ओर क्षतिग्रस्त दीवारों, रेलिंग आदि की मरम्मत की जाए। झीलों के चारों ओर जहां-जहां पर सड़क के किनारे खाली स्थान मिलता है, वहां पर्यटकों के पैदल घूमने के लिए विकसित किया जाए। इन जगहों पर पौधारोपण भी किया जाए। उन्होंने कहा कि भीमताल और भवाली के नालों के लिए एस्टीमेट बनाया जाए।

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