पुलिस कुंडली खंगालने में जुटी
अल्मोड़ा पुलिस भी अब फिरौती, अपहरण के मामले में गिरफ्तार तीनों अपराधियों की कुंडली खंगालने में जुट गई हैं। हालांकि, अब तक तीनों पर अल्मोड़ा में कोई भी आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। अपहरणकर्ता करन पांच माह पूर्व ही घर से निकला था। उसने स्वजन के बताया कि वह हरियाणा में एक होटल में काम कर रहा है। जबकि विशाल पहली बार ही घर से बाहर निकला है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि तीनों दोस्त हैं।
अभिवन हाथरस में किराये के मकान में रहते हैं
अभिनव मूलरूप से बिहार के निवासी अभिनव मूलरूप से बिहार के बेगूसराय के हैं। वह दो वर्ष से हाथरस में तैनात हैं और किराये के मकान में पत्नी स्वीटी भारद्वाज व बेटा अंश भारद्वाज के साथ रहते हैं। अभिनव से पत्नी की आखिरी बात एक जनवरी शाम सात बजे हुई। 20 लाख की फिरौती मांगकर तीन लाख में मान गए थे अपहरणकर्ता ने 20 लाख रुपये फिरौती मांगी।
पत्नी ने दिया आर्थिक हालात का हवाला
स्वीटी ने मिन्नत की कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। इस पर 15 लाख और फिर सात लाख रुपये मांगे गए। अंत में तीन लाख रुपये पर राजी हो गए। एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि बदमाशों से पूछताछ में सामने आया है कि वह टिल्लू ताजपुरिया गैंग के सदस्य नहीं थे। नववर्ष पर पार्टी करने को एक ढाबे पर सभी गए थे। यहीं अभिनव भी खाना खाने आया था। शराब पीने के दौरान बदमाशों का अभिनव से विवाद हो गया। तब वे अभिनव को गाड़ी में डालकर ले गए।
फव्वारे से बर्स्ट हुए टायर से घसीटते हुए पीलीकोठी पहुंचे
एसटीएफ और एसओजी को देख बदमाशों ने बिजनौर की ओर वाहन को दौड़ा लिया था। एक गोली अगले दाहिने टायर में लगी थी। गोली लगने के बाद कार अनियंत्रित हो चुकी थी। सड़क पर कार लहराने की वजह से अफरा-तफरी मच चुकी थी। अन्य वाहनों से कार टकराने का पूरा खतरा था। पीलीकोठी चौराहा से कुछ ही फासले पर नंदन स्वीट्स के पास कार रुक गई। इस दौरान एक गोली विशाल के कंधे में लगी थी। उसके कंधे से खून बहने लगा था।
20 लाख रुपये की फिरौती तीन लाख में फाइनल
अभिनव भारद्वाज के स्वजन से बदमाशों ने 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। शुक्रवार रात में फिरौती मुरादाबाद में देने का सौदा तय हुआ था। रुपये कम होते-होते डील तीन लाख रुपये में फाइनल हुई। रोडवेज बस अड्डे के पास तीन लाख के भी 50 हजार रुपये ही बदमाशों के हाथ लगे। इसके बाद पुलिस टीम द्वारा फायरिंग के बाद बदमाश पकड़ लिए गए।

