मुज़फ्फरनगर,राष्ट्रीय त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी द्वारा PNB बैंक के खिलाफ आंदोलन किया गया था जिसमे विदित त्यागी के प्लाट को फर्जी तरीक़े से बैंक द्वारा बेच दिया गया था जिसकी आवाज राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी द्वारा प्रमुखता से उठायी गई और बैंक कर्मचारियों का घिनौना कर्त्य सामने आया और बैंक अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्यवाही हुई :
खबर को मुजफ्फरनगर जनपद से प्रकाशित रॉयल बुलेटिन ने भी प्रमुखता से को चलाया था
पीएनबी के अधिकारियों द्वारा बैंक के बकायादारों की संपत्ति को औने पौने दाम में एक गैंग बनाकर ठिकाने लगाने के मामले में 3 बैंक मैनेजरों समेत उनके गिरोह में शामिल लोगों के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज हुआ है। दरअसल, विदित त्यागी की एक फर्म थी रोहिणी इंडस्ट्रीज, जिस पर पंजाब नेशनल बैंक का 40 लाख रुपए का कर्ज था। विदित त्यागी कोविड व अन्य बीमारी के कारण कर्ज नहीं चुका पाया, तो बैंक ने उसकी संपत्ति कुर्क करके अपने कब्जे में ले ली और नीलाम कर दी।
पहली नजर में यह एक सामान्य बैंक प्रक्रिया लगती है, लेकिन जब मामले की जांच पड़ताल की गई तो पता लगा कि पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजरों ने मुजफ्फरनगर में एक बड़ा रैकेट चला रखा है, जिसमें वह बकायेदारों की संपत्ति को जबरन कब्जाकर उन्हें औने पौने दाम में अपने साथियों के नाम नीलाम कर देते हैं।
नई मंडी थाने में धारा 420 और 120 बी के तहत दर्ज किए गए इस मुकदमे में PNB गाँधी कॉलोनी के ब्रांच मैनेजर आशुतोष मिश्रा, बैंक अफसर आशीष कुमार, पंजाब नेशनल बैंक के रिकवरी ऑफिसर जसविंदर सिंह समेत कपिल कुमार मलिक निवासी गौतम बुद्ध नगर को अभियुक्त बनाया गया है, इन सभी पर धोखाधड़ी कर संपत्ति कब्जाने का आरोप है। आपको बता दें कि भोपा रोड स्थित राम समोसे वालों की संपत्ति भी नीरज गोयल और इसी गैंग को इसी तरह दे दी गई थी, जिसमें भी यही बैंक मैनेजर शामिल थे।

