गोरखपुर। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन की सूचना मिलते ही कांग्रेसियों में शोक की लहर दौड़ गई। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की जीत का बिगुल फूंकने गोरखपुर आए तत्कालीन प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के पक्ष में वोटों की अपील की थी। यद्यपि उस चुनाव में गोरखपुर की मुंडेरा बाजार सीट से कांग्रेस प्रत्याशी माधो पासवान को छोड़कर कोई भी प्रत्याशी जीत हासिल नहीं कर सका था। गुरुवार को पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के निधन की खबर सुनकर उस चुनाव में उनसे मुलाकात करने वाले कांग्रेसियों ने उनके साथ बिताए पल के अनुभवों को साझा किया।
पूर्व सांसद हरिकेश बहादुर सिंह ने बताया कि वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में जब डाक्टर मनमोहन सिंह गोरखपुर आए थे तो एयरपोर्ट पर मुझे ही स्वागत की जिम्मेदारी दी गई थी। जहाज से उतरने के बाद उन्होंने मुझे किनारे ले जाकर गोरखपुर मंडल में चुनाव की स्थिति पर चर्चा की थी।
उनकी शिष्टता, विनम्रता से मैं उनका कायल हो गया। उस समय कांग्रेस की स्थिति अच्छी नहीं थी। लंबे समय से कांग्रेस पार्टी प्रदेश में सरकार में नहीं थी। मैंने उनको पूरी जानकारी दी थी। इसके बाद वह जनसभा को संबोधित करने रेलवे स्टेडियम चले गए थे। वापसी में मुझे उनको विदा करना था इसलिए मैं एयरपोर्ट पर ही रुक गया था।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महामंत्री डॉ. सैय्यद जमाल ने बताया कि गोरखपुर की जनसभा में डॉ. मनमोहन सिंह ने युवाओं का आह्वान किया था कि वह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में जुट जाएं। वह सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाले नेता थे और कभी भी कोई ऐसी टिप्पणी या बात नहीं की जिससे समाज में वैमनस्यता फैले। आज के नेताओं को उनसे सीख लेनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में रामगढ़ताल, इंसेफ्लाइटिस, आमी नदी को प्रदूषण मुक्त करने को लेकर किए गए उनके कार्यों और उनकी उपलब्धियां गिनाईं। कांग्रेस नेता आलोक शुक्ला ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह अपनी शिष्टता और विनम्रता से सभी का मनमोह लेते थे। दस साल तक देश के प्रधानमंत्री रहने के बावजूद उनकी ईमानदारी छवि दूसरे नेताओं के लिए नजीर है।

कम भीड़ पर चिंतित हुए थे पूर्व पीएम

गोरखपुर मंडल के कांग्रेस प्रत्याशियों के प्रचार में पहुंचे तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जब रेलवे स्टेडियम पहुंचे तो मैदान में भीड़ कम थी। यह देखकर उन्होंने चिंता जताई थी। सभी विधानसभा प्रत्याशियों से बातचीत और फोटो खिंचाने के बाद उन्होंने तैयारी में और जोर लगाने का सुझाव दिया था। प्रधानमंत्री के दिल्ली जाने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने जनसभा के संयोजक को हटा दिया था। उस जनसभा के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी कोई चमत्कारिक प्रदर्शन नहीं कर सके थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *