दो महीने तक प्रयागराज में रहेंगी बसें
ये बसें दो माह प्रयागराज में ही रहेंगी। महाकुंभ के बाद इन बसों का उन मार्गों पर संचालन कराया जाएगा, जहां यात्रियों की विशेष मांग है। उल्लेखनीय है कि राजधानी की 35 इलेक्ट्रिक बसों को भी महाकुंभ के लिए भेजा जा रहा है। इलेक्ट्रिक बसें भी कुंभ क्षेत्र में ही दौड़ेंगी।
रोजाना होगा 400 बसों का आवागमन
इतना ही नहीं लखनऊ क्षेत्र से 400 बसें प्रयागराज से नियमित आवागमन करेंगी। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी ने बताया कि बसों को महाकुंभ में भेजने की सारी तैयारियां पूरी हैं। निर्देश मिलते ही अनुपालन कराया जाएगा। सभी ड्राइवरों व कंडक्टरों को वर्दी में रहने और यात्रियों से मधुर व्यवहार करने का निर्देश दिया गया है।
बसों में बजेगा भक्ति संगीत
लखनऊ। जनवरी 2024 में रोडवेज की बसों में रामधुन बजती रही और अब जनवरी 2025 में भी बसों में भक्ति संगीत बजाने का निर्देश दिया गया है। यह संयोग है कि बीती जनवरी में अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह हुआ था, जबकि अगले माह प्रयागराज में महाकुंभ शुरू हो रहा है, दोनों आयोजन दिव्य और भव्य हैं। इसीलिए तैयारियां भी उसी के अनुरूप कराई जा रही हैं।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा है कि परिवहन निगम की सभी बसों में भक्तिपूर्ण संगीत चलाया जाए। दयाशंकर सिंह की अध्यक्षता में प्रयागराज में महाकुंभ-2025 को लेकर प्रदेश में सुगम व सुरक्षित परिवहन व्यवस्था के लिए परिवहन निगम मुख्यालय में समीक्षा बैठक हुई। निर्देश दिया कि भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती पर परिवहन विभाग की आनलाइन सेवाओं व परिवहन निगम की एप का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराने की तैयारियां की जाएं।
महाकुंभ के लिए निगम की बसें स्टैंड से संचालित कराई जाएं। पार्किंग स्थल से कुंभ क्षेत्र में बुजुर्ग व दिव्यांग श्रद्धालुओं को लाने ले जाने के लिए ई-बसों की व्यवस्था परिवहन निगम कर रहा है। सड़क सुरक्षा के लिए प्रयागराज को जोड़ने वाले सभी मार्गों पर इंटरसेप्टर वाहनों की ड्यूटी लगाई जाए। कुंभ की ड्यूटी में लगा हर अधिकारी/कर्मचारी अपनी ड्यूटी को कर्तव्यपूर्ण करने के स्थान पर ईश्वर की कृपा मानते हुए कार्य करे।

