देहरादून। कोषागारों के कामकाज समेत पूरे प्रदेश में सरकारी वित्तीय लेन-देन अब साइबर आक्रमण के भय से मुक्त होने जा रहा है। डाटा का लगातार बोझ बढ़ने से पूरे प्रदेश की वित्तीय लेन-देन की आनलाइन व्यवस्था इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम पर भी प्रभाव पड़ा है। इस पर हावी हो रहे धीमेपन पर अभी कुछ हद तक ही काबू पाया जा सका है।
साढ़े तीन लाख से अधिक कार्मिकों व पेंशनर को वेतन व पेंशन के भुगतान से लेकर सरकारी विभागों का वित्तीय प्रबंधन पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त होगा। इसके लिए आइएफएमएस को नए हार्डवेयर और साफ्टवेयर से लैस किया जा रहा है। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी एक अप्रैल से साइबर आक्रमण से सुरक्षायुक्त यह व्यवस्था पूरी तरह से क्रियान्वित हो जाएगी।
साइबर आक्रमण ने प्रदेश की कोषागारों समेत समस्त वित्तीय लेन-देन पर बड़ा प्रभाव डाला। आइएफएमएस व्यवस्था पर इसका प्रभाव अभी तक देखा जा रहा है। आक्रमण से बचने और डाटा की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के कारण कोषागारों समेत आइएफएमएस प्रणाली अतिरिक्त बोझ के कारण सुस्त पड़ गई। यह सुस्ती कई दिनों तक रही है।
साइबर आक्रमण ने प्रदेश की कोषागारों समेत समस्त वित्तीय लेन-देन पर बड़ा प्रभाव डाला। आइएफएमएस व्यवस्था पर इसका प्रभाव अभी तक देखा जा रहा है। आक्रमण से बचने और डाटा की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के कारण कोषागारों समेत आइएफएमएस प्रणाली अतिरिक्त बोझ के कारण सुस्त पड़ गई। यह सुस्ती कई दिनों तक रही है।
आइएफएमएस व्यवस्था के माध्यम से सरकार और कार्मिकों को दोहरा लाभ मिल रहा है। कर्मचारियों और पेंशनर के खातों में एक क्लिक पर ही वेतन व पेंशन पहुंच रही है। निर्माण कार्यों और परियोजनाओं में कार्यरत ठेकेदारों को भुगतान भी इसके माध्यम से आनलाइन किया जा रहा है।
कार्मिकों को भी नियुक्ति, स्थानांतरण से लेकर सेवानिवृत्ति के आदेश, संपत्ति के रिटर्न के रखरखाव और वार्षिक चरित्र रिपोर्ट यानी एसीआर से संबंधित प्रकरणों पर जानकारी उनके मोबाइल फोन पर उपलब्ध हो रही है। इसके लिए आइएफएमएस के अंतर्गत ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम माड्यूल को भी संचालित किया जा रहा है।
नए साफ्टवेयर के लिए जा रहे 24 लाइसेंस
आइएफएमएस को अपडेट करने के लिए वित्त विभाग की ओर से मेन्यू हार्डवेयर के रूप में नया हार्डवेयर लेने के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। इस हार्डवेयर के साथ ही नए साफ्टवेयर के 24 लाइसेंस लिए जा रहे हैं। इसकी प्रक्रिया भी शुरु की गई है।
कोषागार निदेशक डीसी लोहनी ने बताया कि आइएफएमएस को वर्तमान आवश्यकता के अनुसार अपडेट करने की प्रक्रिया शुरु की गई है। हार्डवेयर के रूप में नई मशीन एवं उपकरण खरीदे जा रहे हैं। आगामी एक अप्रैल से कोषागारों समेत प्रदेश में वित्तीय लेन-देन की पूरी व्यवस्था अपडेट होकर कार्य प्रारंभ कर देगी।
आइएफएमएस के अंतर्गत संचालित हो रही व्यवस्था
- वार्षिक बजट का निर्माण और प्रबंधन में योगदान
- सरकारी विभागों का वित्तीय लेन-देन
- जीपीएफ के दावों का निस्तारण
- कोषागारों से वेतन व पेंशन भुगतान
- एचआरएमएस माड्यूल का संचालन

