फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद में एक दारोगा द्वारा रिश्वत लेने का मामला प्रकाश में आया है। एसीबी की टीम द्वारा दारोगा को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है। दारोगा समेत पुलिसकर्मियों ने जमानत दिलाने की एवज में 19 लाख रुपये की मांग रखी थी।

दारोगा ने रिश्वत लेकर बुलाया था

वहीं, गुरुवार (21 नवंबर) को दारोगा ने व्यक्ति को रिश्वत लेकर बुलाया था। लेकिन जैसे ही उक्त व्यक्ति ने दारोगा के हाथ में 12 लाख रुपये की रिश्वत दी तो तुरंत एसीबी की टीम ने रंगे हाथ दारोगा को पकड़ लिया। इस दौरान एक साथ एसीबी की टीम को चकमा देकर मौके से फरार हो गया।

दबिश के दौरान दूसरा साथी फरार

एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने गुरुवार देर रात सेक्टर 15 मार्केट से 12 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप मे अर्जुन नाम के सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है। दबिश के दौरान आरोपित का दूसरा साथी रामचंद्र मौके से फरार हो गया है।

साइबर थाना एनआईटी में है दोनों की तैनाती

पुलिस के अनुसार, दोनों की तैनाती साइबर थाना एनआईटी में बताई जा रही है और दोनों की थाना में पहली पोस्टिंग थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसीबी को एक व्यक्ति ने शिकायत दी कि उसके परिजन को जमानत दिलाने में मदद करने की एवज में दो पुलिस कर्मी 19 लाख रुपये मांग रहे हैं।

12 लाख रुपये में हुआ था सौदा

बताया गया कि 12 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। सूचना मिलने पर एसीबी की टीम ने दोनों पुलिस कर्मियों को प्रमाण के साथ गिरफ्तार करने की योजना बनाई और शिकायतकर्ता को कहा कि पुलिस वालों को रिश्वत की रकम देने के लिए सेक्टर-15 में बुलाए।

एसीबी की टीम ने बिछाया था जाल

एसीबी के कहे अनुसार, शिकायतकर्ता ने सेक्टर-15 में जैसे ही रुपये अर्जुन नामक सब इंस्पेक्टर को दिए, पहले से जाल बिछाए बैठी एसीबी की टीम ने धर दबोचा। आरोप है कि अर्जुन के साथ रुपये लेने उसका दूसरा साथी रामचंद्र भी आया था, पर वह मौका पाकर फरार हो गया। एसीबी उसकी तलाश कर रही है। पकड़े गए आरोपित के मामले में देर रात तक एसीबी की टीम कार्रवाई करने में जुटी थी। उसे शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

बता दें कि दारोगा को अदालत में पेश किए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस कार्रवाई में जुटी हुई है।

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