अलीगढ़। न्यायिक अधिकारी की गाड़ी का पीछा करने वाले कुख्यात सुंदर भाटी गैंग की कार बोलेरो नहीं थी। 250 से अधिक कैमरे खंगालने के बाद पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हुआ है। अब पुलिस घटनास्थल के दौरान वहां से गुजरी सफेद रंग की कारों को तलाश रही है।

फर्रुखाबाद में ईसी एक्ट की विशेष अदालत के न्यायाधीश डा. अनिल कुमार सिंह 29 अक्टूबर को नोएडा जा रहे थे। खैर के गोमत चौराहा को पार करते ही सफेद रंग की बोलेरो सवार पांच लोगों ने पीछा शुरू कर दिया। कई बार रास्ते में गाड़ी को रोकने का प्रयास किया। कार सवार लोगों ने गालीगलौज की और हथियार तान दिया। जब न्यायिक अधिकारी ने सोफा पुलिस चौकी के सामने कार रोकी तो आरोपित यू-टर्न लेकर भाग गए।

सुंदर भाटी व उसके गिरोह के सदस्यों पर दिया था फैसला

न्यायिक अधिकारी ने गौतमबुद्धनगर न्यायालय में बतौर एडीजे तैनाती के दौरान सुंदर भाटी व उसके गिरोह के ऋषिपाल, सिंह राज, योगेश, विकास पंडित, कालू भाटी, दिनेश भाटी, अनूप भाटी, यतेंद्र चौधरी, सोनू, बौबी, सुरेंद्र पंडित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उन्होंने संदेह जताया था कि इसी निर्णय का बदला लेने के लिए गिरोह ने उन पर हमला की कोशिश की।

नहीं दिखी बोलेरो

पुलिस के अनुसार जिले में 7882 नंबर के 124 वाहन हैं। लेकिन, इनमें बोलेरो कोई नहीं है। वहीं, 1600 से ज्यादा बोलेरो हैं, मगर किसी का नंबर 7882 नहीं है। सीओ खैर वरुण कुमार सिंह ने बताया कि जांच में स्पष्ट हुआ है कि संदिग्ध कार बोलेरो नहीं है। न्यायिक अधिकारी द्वारा बताए गए हुलिये के आधार पर सफेद रंग की कार की तलाश करवाई जा रही है।

न्यायिक अधिकारी ने कराया घटनास्थल का निरीक्षण सीओ के अनुसार 14 नवंबर को नोएडा से फर्रुखाबाद जाने के दौरान न्यायिक अधिकारी सोफा चौकी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विवेचक को घटनास्थल का निरीक्षण कराया। घटना से जुड़ीं अन्य बातें बताई हैं। उनके बयान लिए गए हैं। उसी के अनुसार जांच की जा रही है।

गौतमबुद्धनगर न्यायालय में एडीजे पद पर तैनाती के दौरान न्यायिक अधिकारी ने पांच अप्रैल 2021 को आठ मुकदमों में निर्णय सुनाया था। इसमें सुंदर भाटी व उसके गिरोह के ऋषिपाल, सिंह राज, योगेश, विकास पंडित, कालू भाटी, दिनेश भाटी, अनूप भाटी, यतेंद्र चौधरी, सोनू, बौबी, सुरेंद्र पंडित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

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