हालांकि, यह कीमत विशेष स्नान पर्व मौनी मकर संक्रांति, अमावस्या, वसंत पंचमी के लिए ही है। होटलों, धर्मशालाओं व गेस्ट हाउस की सबसे अधिक कीमत 29 जनवरी को सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर है। अन्य दिनों में कीमत कम हैं।
अधिकांश विदेशी मेहमानों के कमरे बुक
पर्यटन विभाग ने होटलों को बुकिंग रेट से ज्यादा कीमत नहीं वसूलने की पहले से हिदायत दे रखी है। शहर में 218 होटल हैं, जिनमें 133 पंजीकृत हैं, जहां करीब 4000 से ज्यादा कमरे हैं। 204 गेस्ट हाउस व धर्मशालाएं हैं। इनमें 114 गेस्ट हाउस तथा धर्मशाला ही पंजीकृत हैं। होटलों में करीब 42 लग्जरी हैं।
महाकुंभ मेला में विदेशी पर्यटक भी यहां आएंगे और उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यहां ठहरने की होगी। ऐसे में अधिकांश लोगों ने कई माह पहले से ही होटलों के कमरों की ऑनलाइन बुकिंग करा ली है। इसमें अधिकांश विदेशी मेहमानों के कमरे बुक हैं।
महाकुंभ के लिए कीमत 30 से 45 हजार रुपये
मौजूदा समय में लग्जरी होटलों में कमरे प्रतिदिन के हिसाब से छह हजार रुपये से लेकर 13 हजार रुपये तक में मिल जाते हैं, इनकी संख्या 300 के करीब है, लेकिन महाकुंभ के लिए कीमत 30 से 45 हजार रुपये तक चली गई है।
अपेक्षाकृत कुछ सस्ते होटल, जिनके कमरे का किराया तीन से चार हजार रुपये है, वह 15 से 25 हजार रुपये में बुक हो रहे हैं। 75 प्रतिशत होटलों में मुख्य स्नान पर्वों पर कमरों की बुकिंग हो चुकी है।
वहीं, गेस्ट हाउस में एक कमरे का किराया दो से तीन हजार से बढ़कर आठ-दस हजार रुपये तक किए जाने की बात सामने आ रही है। इसी प्रकार 60 प्रतिशत धर्मशालाओं की भी बुकिंग हो चुकी है।
50 पेइंग गेस्ट का पंजीकरण, मिलेंगी सभी सुविधाएं
पेइंग गेस्ट के रूप में अब तक 50 मकानों का रजिस्ट्रेशन कराया जा चुका है, जबकि लक्ष्य 200 का है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह ने बताया कि जिन मकानों को लाइसेंस जारी किया जाएगा, उनकी सूची मेला प्रशासन की वेबसाइट और एप पर भी होगी। वहां से भी पर्यटक और श्रद्धालु पेइंग गेस्ट सुविधा के लिए संपर्क कर पाएंगे।
तीन जगह बनेगी टेंट कालोनी, 300 शिविर बनेंगे
महाकुंभ मेले में सुविधाओं से युक्त तीन टेंट कॉलोनी बसाई जाएगी। तीन हजार शिविर बनाए जाएंगे। शिविर में दो लोगों रहने के लिए कोजी बेडरूम, वेटिंग हाल, मॉडर्न टायलेट, संगमरमर की फर्श, वुडन फर्नीचर, ड्राइंग रूम होगा।

