झज्जर। दीपावली को लेकर तैयारियां जोरो-शोरों से चल रही हैं। त्योहारी पर्व पर किन्हीं परिस्थितियों में आग व दुर्घटना की स्थिति पर काबू के लिए अग्निशमन विभाग पूरी तरह से तैयार हैं तो इधर, स्वास्थ्य विभाग ने भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल में सभी आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त कर दिया हैं। आतिशबाजी से कोई दुर्घटना होने की स्थिति के लिए सिविल अस्पताल के तृतीय तल पर बर्न वार्ड बनाया गया है। जिसमें जरूरत के सभी सामान सहित पांच बेड आरक्षित किए गए हैं।

बहादुरगढ़ में भी बनाया गया है बर्न वार्ड

ऐसे ही बहादुरगढ़ अस्पताल में भी पांच बेड का बर्न वार्ड बनाया गया है। झज्जर-बहादुरगढ़ दोनों अस्पताल में कुल 10 बेड आरक्षित किए गए हैं। साथ ही ड्यूटी स्टाफ व चिकित्सकों को हाई अलर्ट मोड पर रखा हुआ हैं। दीपावली पर दीये की आग और पटाखों से घायल होने वाले लोगों के लिए जिला के सभी अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों की खेप भी पहुंचा दी गई है।

इमरजेंसी के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी

प्राय: देखने में आता है कि दीपावली पर आतिशबाजी करते समय दुर्घटना होने के मामले सामने आते रहते हैं। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सीएमओ ने स्वास्थ्य संबंधी सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

आपातकालीन वार्ड में इलाज के लिए आवश्यक सभी सामान की व्यवस्था भी कर ली गई है। इसके अलावा अन्य विभिन्न बीमारियों से संबंधी दवाइयों की व्यवस्था भी की है।

24 घंटे 30 एम्बुलेंस रहेगी हाई अलर्ट मोड पर

दीपावली पर्व पर अक्सर अस्पताल में आतिशबाजी से झुलसे हुए लोग इलाज के लिए आते हैं। ऐसी अवस्था में मरीज की सुविधा को देखते हुए झज्जर, बहादुरगढ में शिफ्ट के हिसाब से 30 एम्बुलेंस को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया हैं।

एम्बुलेंस सुबह, शाम व दोपहर तीन शिफ्टों में आन ड्यूटी रहेगी। प्रत्येक शिफ्ट में दस एम्बुलेंस चालकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा एम्बुलेंस चालकों की छुट्टी व रेस्ट को भी रद्द किया गया हैं।

ट्रामा सेंटर के मरीजों को पहले देखें चिकित्सक

सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में अधिकतर ट्रामा सेंटर से संबंधित मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसमें सड़क दुर्घटना से संबंधित घायल मरीज अधिक होते हैं। जिन्हें गंभीर हालत के चलते रोहतक ट्रामा सेंटर के लिए रैफर किया जाता हैं।
अस्पताल में सड़क दुर्घटना में घायल हुए मरीज को पहले देखने व उसका इलाज करने के चिकित्सकों को आदेश भी दिए गए हैं। ताकि उन्हें समय रहते सभी स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं मिल सके।

इमरजेंसी में दो चिकित्सक रहेंगे तैनात

दीपावली पर आपातकालीन वार्ड में इलाज के लिए आए मरीजों के लिए एक चिकित्सक की बजाय दो चिकित्सक की ड्यूटी लगाई गई हैं। अस्पताल में अतिरिक्त स्टाफ के साथ पैरा मेडिकल स्टाफ भी आन ड्यूटी रहेंगे। इसके अलावा विशेष तौर पर नेत्र विशेषज्ञ व अन्य चिकित्सक आन-कॉल रहेंगे, जो जरूरत अनुसार मरीजों का इलाज करेंगे। ड्यूटी स्टाफ को भी हाई अलर्ट मोड पर रखा गया हैं।
जिससे इलाज के लिए आए मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी सभी सहूलियत मिल सके। अस्पताल में आने वाले मरीजों को उपचार देने के लिए डाक्टरों का स्टाफ मौजूद रहेगा। दीपावली त्योहार के दौरान जिले के सभी अस्पतालों में उपचार को लेकर आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करवा दी गई हैं।

सीएमओ ने लोगों से नशामुक्त दीपावली मनाने की अपील की

सिविल सर्जन डाक्टर ब्रह्मदीप सिंह ने लोगों को नशा मुक्ति दीपावली मनाने की अपील की हैं। उन्होंने त्योहार को सामाजिक सौहार्द के साथ मनाने की बात कही है। सीएमओ ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं मारता, उसके दुष्प्रभाव पूरे परिवार को झेलने पड़ते हैं।
नशे के विरुद्ध अभियान चलाकर समाज को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लेना चाहिए। और सभी को अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए नशा मुक्त समाज बनाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

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