20 क्विंटल फूलों से सजा केदारनाथ धाम, शीतकाल के लिए बंद हुए भगवान भकुंट भैरवनाथ के कपाट

दीपावली पर बाबा केदार के दरबार में दिखी अलौकिक छटा, भैरवनाथ के कपाट बंद होने के साथ शुरू हुई बाबा केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने की धार्मिक प्रक्रिया

रुद्रप्रयाग। दीपावली महापर्व के पावन अवसर पर विश्वप्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम को भव्य एवं दिव्य रूप से सजाया गया। बाबा केदार के मंदिर और प्रांगण को लगभग 18 से 20 क्विंटल विभिन्न प्रजातियों के रंग-बिरंगे फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया, जिससे धाम की सुंदरता देखते ही बन रही है। फूलों से सजे मंदिर की अलौकिक छटा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

इसी बीच शनिवार, 7 नवंबर 2026 को भगवान केदारनाथ धाम के क्षेत्रपाल एवं रक्षक भगवान भकुंट भैरवनाथ जी के कपाट विधि-विधान, पूजा-अर्चना और यज्ञ-अनुष्ठान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। धार्मिक परंपराओं के अनुसार भैरवनाथ जी के कपाट बंद होने के साथ ही बाबा केदारनाथ धाम के मुख्य कपाट बंद किए जाने की विधिवत प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के सदस्य डॉ. विनीत चंद्र पोस्ती ने धाम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि दीपावली के पावन अवसर पर केदारनाथ मंदिर परिसर को फूलों से भव्य रूप दिया गया है। उन्होंने देश एवं प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं भी दीं।

भगवान भकुंट भैरवनाथ जी के कपाट बंद होने के अवसर पर धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना एवं अनुष्ठान संपन्न किए गए। इस अवसर पर स्थानीय हक-हकूकधारी, तीर्थ पुरोहित समाज, मंदिर समिति परिवार तथा पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन से जुड़े लोगों की उपस्थिति रही।

11 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे बाबा केदारनाथ के कपाट

मंदिर समिति सदस्य डॉ. विनीत चंद्र पोस्ती के अनुसार, भगवान भकुंट भैरवनाथ के कपाट बंद होने के बाद अब बाबा केदारनाथ धाम के मुख्य कपाट बंद करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगामी 11 नवंबर 2026 को विधि-विधान एवं धार्मिक परंपराओं के अनुसार बाबा केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे।

उन्होंने श्रद्धालुओं से दीपावली के पावन अवसर पर धाम पहुंचकर दीप प्रज्वलित करने और दीपोत्सव को श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाने की अपील की। साथ ही मंदिर की मर्यादा एवं पवित्रता बनाए रखने तथा धार्मिक परंपराओं का सम्मान करने का आग्रह किया।

दीपावली के अवसर पर फूलों से सजा बाबा केदार का दरबार और भगवान भकुंट भैरवनाथ के कपाट बंद होने का धार्मिक अनुष्ठान केदारनाथ धाम में शीतकालीन प्रवास की तैयारियों की महत्वपूर्ण कड़ी बन गया है।

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