खेल महाकुंभ-2026 का भव्य समापन, 3.17 लाख खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा; मुख्यमंत्री धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

देहरादून। उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को निखारने और प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित खेल महाकुंभ-2026 के अंतर्गत मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी का समापन समारोह देहरादून में आयोजित किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या शामिल हुईं। इस दौरान खिलाड़ियों ने पारंपरिक खेल मलखंब और योग की शानदार प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में खिलाड़ी, प्रशिक्षक, अभिभावक और खेल विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

समापन समारोह के दौरान खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि खेल महाकुंभ अब उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का एक सशक्त मंच बन चुका है। इस आयोजन के माध्यम से न्याय पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बच्चों एवं युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें उचित मंच, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की है।

पिछले वर्ष की तुलना में करीब एक लाख खिलाड़ियों की बढ़ी भागीदारी

खेल मंत्री ने बताया कि इस वर्ष खेल महाकुंभ में खिलाड़ियों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में जहां करीब 2.19 लाख खिलाड़ियों ने प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया था, वहीं वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर लगभग 3.17 लाख हो गई। इस वर्ष कुल 3.33 लाख खिलाड़ियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया। पिछले वर्ष के मुकाबले करीब एक लाख अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी प्रदेश में खेलों के प्रति बढ़ते रुझान और युवाओं के उत्साह को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश के युवा खेलों को लेकर गंभीर हैं और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

32 खेल विधाओं में न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक हुईं प्रतियोगिताएं

खेल महाकुंभ-2026 में कुल 32 खेल विधाओं को शामिल किया गया। प्रतियोगिताओं का आयोजन विभिन्न स्तरों पर किया गया, ताकि अधिक से अधिक खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिल सके। इसके तहत न्याय पंचायत स्तर पर 662, विधानसभा स्तर पर 70 और संसदीय क्षेत्र स्तर पर 8 प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

इन प्रतियोगिताओं में पारंपरिक खेलों के साथ आधुनिक और ओलंपिक खेलों को भी स्थान दिया गया। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को विभिन्न खेल विधाओं से जोड़ना और उनकी प्रतिभा को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाना रहा। आयोजन के माध्यम से गांवों और दूरस्थ इलाकों के खिलाड़ियों को भी अपनी खेल क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी 11.50 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि खेल महाकुंभ के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर विजेता खिलाड़ियों को कुल 11.50 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि वितरित की जाएगी। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को न्याय पंचायत, विकासखंड, जनपद और राज्य स्तर पर निर्धारित पुरस्कार राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही खिलाड़ियों को प्रमाण-पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया।

राज्य स्तर पर प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों के लिए ट्रैकसूट, खेल किट, जूते और भोजन जैसी सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई। सरकार की ओर से खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया।

खेलों से युवाओं के लिए खुल रहे रोजगार और बेहतर भविष्य के अवसर

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आज खेल केवल शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम नहीं रह गए हैं, बल्कि इनके जरिए युवाओं के लिए रोजगार, सम्मान और बेहतर भविष्य के नए अवसर भी खुल रहे हैं। खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का मौका मिल रहा है।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों में छिपी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना जरूरी है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के प्रत्येक क्षेत्र में मौजूद खेल प्रतिभाओं को उचित प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रोत्साहन मिल सके।

उत्तराखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थापित करने का लक्ष्य

रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेलों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। खिलाड़ियों को आधुनिक खेल अवस्थापना, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाना है। प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और देवभूमि का नाम रोशन करें, इसी दिशा में खेल महाकुंभ जैसी पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

खेल मंत्री ने कहा कि खेल महाकुंभ गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का एक प्रभावी माध्यम बन रहा है। इस तरह के आयोजनों से युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी और प्रदेश को भविष्य के लिए बेहतर खिलाड़ी मिल सकेंगे।

विजेता खिलाड़ियों और आयोजन से जुड़े लोगों को दी बधाई

समापन समारोह के अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने सभी विजेता खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले युवाओं को बधाई दी। उन्होंने प्रशिक्षकों, अभिभावकों तथा आयोजन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के योगदान की भी सराहना की। साथ ही खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगे भी मेहनत और लगन के साथ खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

ये रहे मौजूद

समारोह में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, राज्य युवा कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष कुंदन लटवाल, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, जिलाधिकारी आशीष चौहान, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, निदेशक खेल दीप्ति सिंह, अपर निदेशक खेल अजय अग्रवाल, संयुक्त निदेशक खेल शक्ति सिंह, उपनिदेशक नीरज गुप्ता, जिला क्रीड़ा अधिकारी शबाली गुरुंग सहित खेल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।

खेल महाकुंभ-2026 की बढ़ती भागीदारी ने उत्तराखंड में खेलों के प्रति युवाओं के उत्साह को नई पहचान दी है। 3.17 लाख खिलाड़ियों की सहभागिता के साथ यह आयोजन प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने और नई प्रतिभाओं को आगे लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।

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