अनुज त्यागी
चमोली,रविवार:उत्तराखंड के चौथे और भारत के चारधामों में से एक बदरीनाथ धाम के कपाट आज 12 मई को सुबह 6 बजे विधि-विधान से पूजा-पाठ के बाद खोल दिए गए हैं. सेना के बैंड की धुन और भगवान बदरी विशाल के जयकारों के बीच मंदिर के कपाट खोले गए,

श्री बदरीनाथ धाम में ब्रह्म बेला पर सुबह चार बजे से कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई। हल्की बारिश के बीच आर्मी बैंड की मधुर धुन एवं ढ़ोल नगाड़े की थाप और स्थानीय महिलाओं के पारम्परिक संगीत और नृत्य के साथ भगवान बद्री विशाल की स्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ कुबेर जी, श्री उद्धव जी एवं गाडू घडा दक्षिण द्वार से मंदिर में परिसर में लाया गया,

इसके साथ ही ग्रीष्मकाल के लिए बदरीनाथ के दर्शन शुरू हो गए है। कपाट खुलने के पहले दिन ही हजारों श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ में अखण्ड ज्योति एवं भगवान श्री बदरीनाथ के दर्शनों का पुण्य अर्जित किया। कपाटोद्घाटन के अवसर पर बदरीनाथ मंदिर को 15 कुंतल फूलों से सजाया गया था।
सुबह से ही धाम पर हल्की बूंदाबांदी हो रही है जिसके चलते ठंड भी बढ़ गई है, भगवान बद्रीनाथ विशाल मंदिर को पिछले कई दिनों से फूलों से सजाया जा रहा था अब अगले 6 महीने तक भक्त बदरीनाथ धाम में भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर सकते हैं. बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के दौरान भक्तों में गजब का उत्साह देखने को मिला. पिछले तीन दिनों से ही धाम पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, धाम पर जगह-जगह भक्तों के द्वारा भंडारों का आयोजन किया जा रहा है,वही धाम पर आज किसी भी तरह के VVIP और VIP दर्शन बंद है जिसके चलते अपने आप को वीआईपी दिखाने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है,

इसके साथ ही उत्तराखंड के चार धामों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं. इससे पहले तीन धाम श्री केदारनाथ, श्री गंगोत्री, श्री यमुनोत्री धाम,पंच केदार में से तीसरे केदार तुंगनाथ के कपाट बीते शुक्रवार अक्षय तृतीया के दिन 10 मई को ही खोले जा चुके हैं.
सिख धर्म का प्रमुख तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब 25 मई को श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा,

