अयोध्या आंदोलन के दौरान 18 दिन जेल में रहे थे गंझेडी गांव के श्यामवीर त्यागी

-1990 में देवबंद और नागल पुलिस ने तल्हेडी बुजुर्ग से किया था गिरफ्तार

-सैकड़ो कार सेवकों के साथ अयोध्या जाने के लिए निकले थे

प्रशांत त्यागी, देवबंद।

अयोध्या में रामलला 22 जनवरी को टेंट से निकलकर मंदिर में विराजमान हो रहे हैं। लेकिन शायद आपको मालूम होगा की सहारनपुर का भी इतिहास श्री राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़ा रहा है। यहां भी सन 1990 और 1992 में श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान सैकड़ो लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। जिनमें मुख्य भूमिका निभाने वाले तहसील देवबंद के गांव गंझेड़ी निवासी किसान नेता श्यामवीर त्यागी की गिरफ्तारी को आज तक भी क्षेत्र की जनता नहीं भूली है।

सन 1990 में श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान जहां पूरा देश अस्थिरता के दौर से गुजर रहा था तो वही सहारनपुर के एक छोटे से गांव गंझेड़ी निवासी किसान नेता‌ श्यामवीर त्यागी के नेतृत्व में जिस प्रकार से हजारों की भीड़ अयोध्या के लिए कूच करने निकली थी तो उसे समय प्रशासन से लेकर सरकार के होश उड़ गए थे। श्यामवीर त्यागी ने श्री राम जन्मभूमि आंदोलन की यादें ताजा करते हुए बताया कि सन 1990 में वह सैकड़ो कर सेवकों के साथ गांव से निकले थे, लेकिन इसी दौरान जब प्रशासन को सैकड़ो लोगों की भीड़ द्वारा अयोध्या कूच करने की जानकारी मिली तो अधिकारियों के होश उड़ गए। इसके बाद कोतवाली देवबंद और थाना नागल की पुलिस ने भारी पुलिस बल के साथ उन्हें तल्हेड़ी बुजुर्ग कस्बे में घेर लिया और हिरासत में ले लिया। भीड़ के साथ वह जय श्री राम के नारे लगाते हुए आगे आगे चल रहे थे। जिसके बाद पुलिस उन्हें सहारनपुर पुलिस लाइन में ले गई और वहां से 18 दिन के लिए मेरठ स्थित बच्चा जेल में उन्हें भेज दिया गया। इस दौरान उनकी गिरफ्तारी को लेकर क्षेत्र में काफी हंगामा भी हुआ था। इतना ही नहीं उन्होंने बताया की सन 1992 में फिर से आंदोलन शुरू हुआ जिसके चलते एक बड़े आंदोलन की‌ सूचना की जानकारी मिलते ही रात्रि 12:00 बजे ही पुलिस ने घर से हिरासत में ले लिया और थाने में लाकर बैठा दिया। श्यामवीर त्यागी ने बताया जब क्षेत्र में उनकी गिरफ्तारी की जानकारी हिंदू संगठनों को लगी तो हजारों की संख्या में राम भक्तों की भीड़ में थाना नागल को घूरते हुए नारेबाजी की जिसके चलते पुलिस के हाथ पैर फूल गए थे। इसके बाद पुलिस उन्हें सहारनपुर जेल लेकर पहुंची यहां उन्हें करीब 16 दिन जेल में रहना पड़ा था। 

श्री राम मंदिर का निर्माण आंखों के सामने होना मेरे लिए गौरवपूर्ण: श्यामवीर त्यागी

उन्होंने बताया कि उसे समय में वह चोरी छुपाते अयोध्या पहुंचते थे और हिंदू संगठनों की बैठकों में भाग लेते थे। जिसके बाद फिर से श्री राम मंदिर के आंदोलन को मजबूत करने में जुट जाते थे। करीब 72 वर्षीय किसान नेता श्याम त्यागी ने बताया कि आज उन्हें गर्व महसूस हो रहा है कि उनकी आंखों के सामने ही राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विश्व हिंदू परिषद और संघ के लोग बधाई के पात्र हैं। उन्होंने बताया कि वह भी 22 जनवरी को अयोध्या में जाएंगे और रामलला प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होंगे।

प्रशांत त्यागी

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