उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की कथित अभद्र टिप्पणी पर वैश्य समाज में आक्रोश, मुजफ्फरनगर में प्रदर्शन कर डीएम को सौंपा ज्ञापन

रोहित त्यागी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मंत्री की बर्खास्तगी और सार्वजनिक माफी की मांग, व्यापारियों की सुरक्षा, पीड़ित परिवारों को मुआवजा और महाराजा अग्रसेन जयंती पर अवकाश की भी उठाई आवाज

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर वैश्य समाज में आक्रोश देखने को मिल रहा है। मुजफ्फरनगर में महाराजा अग्रसेन सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष अमित अग्रवाल उर्फ बंटी किनोनी के नेतृत्व में इस मामले को लेकर विरोध जताया गया। इस दौरान जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से मंत्री के खिलाफ कार्रवाई, उनकी बर्खास्तगी और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग उठाई गई।

समिति के प्रदेश अध्यक्ष अमित अग्रवाल उर्फ बंटी किनोनी ने आरोप लगाया कि उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मीडिया से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आकाश अग्रवाल को लेकर वैश्य समाज के प्रति अशोभनीय टिप्पणी की। उनके अनुसार, इस टिप्पणी से वैश्य समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को सार्वजनिक मंच या मीडिया के सामने बातचीत करते समय समाज के प्रति सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।

मंत्री की बर्खास्तगी और सार्वजनिक माफी की मांग

अमित अग्रवाल उर्फ बंटी किनोनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि कथित टिप्पणी के मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने मंत्री को पद से बर्खास्त करने और वैश्य समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी उठाई।

उन्होंने कहा कि वैश्य समाज देश के व्यापार, उद्योग और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। समाज के लोग अपने परिश्रम और उद्यम के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के साथ आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाते हैं। ऐसे में समाज के प्रति कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों से समाज के सभी वर्गों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में सरकार उचित कदम उठाए, ताकि समाज की भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित हो सके।

वैश्य समाज के उत्पीड़न और हत्याओं के मामलों में कठोर कार्रवाई की मांग

ज्ञापन में वैश्य समाज के लोगों के उत्पीड़न और हत्याओं से जुड़े मामलों को भी उठाया गया। समिति ने मांग की कि ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

समिति की ओर से हत्याओं के मामलों में दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग भी की गई। साथ ही, पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के रूप में एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग रखी गई। समिति का कहना है कि गंभीर अपराधों से प्रभावित परिवारों को न्याय के साथ उचित आर्थिक सहायता भी मिलनी चाहिए।

महाराजा अग्रसेन जयंती पर सार्वजनिक अवकाश की मांग

ज्ञापन में महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग भी शामिल रही। समिति ने कहा कि महाराजा अग्रसेन का समाज में विशेष स्थान है और उनकी जयंती को सम्मानपूर्वक मनाने के लिए सरकार को अवकाश घोषित करने पर विचार करना चाहिए।

इसके अलावा, व्यापारियों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। समिति ने व्यापारियों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अधिक से अधिक शस्त्र लाइसेंस जारी करने की मांग की। पदाधिकारियों का कहना है कि व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि वे बिना भय के अपने कारोबार का संचालन कर सकें।

मुख्यमंत्री से मांगों पर कार्रवाई की अपील

महाराजा अग्रसेन सेवा समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ज्ञापन में उठाई गई सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और उचित कार्रवाई करने की अपील की। प्रदर्शन के माध्यम से समिति ने वैश्य समाज के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को सरकार के सामने रखने का प्रयास किया।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की कथित टिप्पणी को लेकर उठे इस विरोध के बाद अब संबंधित मामले में सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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